कानपुर में क्राइम ब्रांच ने सोमवार को दो शातिरों को गिरफ्तार कर एटीएम हैक करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों के पास से 42 एटीएम कार्ड, 33 हजार रुपये और तीन मोबाइल बरामद हुए। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि नौबस्ता के संजय गांधी नगर निवासी प्रभात शुक्ला और यशोदानगर के अंशु कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया। प्रभात आईटीआई पास है और अंशु इंटर। इनके और भी साथी हैं जो झारखंड, दिल्ली, पंजाब और बिहार में इसी तरह बैंकों को चूना लगा रहे हैं।
इस तरह पार करते हैं रकम, बैंक को लगती है चपत
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि वे कई सालों से इस काम में सक्रिय हैं। वे एटीएम बूथ जाकर कार्ड से पैसे निकालने की पूरी प्रक्रिया अपनाते हैं। शटर में पैसा आते ही एक दो नोट छोड़कर बीच के नोट निकाल लेते हैं। कुछ देर बाद वे रुपये जब अंदर चले जाते हैं तो एटीएम ट्रांजेक्शन फेल बताने लगता है। इसके बाद ये लोग बैंक में शिकायत कर पूरा पैसा वापस खाते में मंगवा लेते हैं।
हर बैंक में खाता, किराये पर लेते थे एटीएम
आरोपियों के पास से 42 एटीएम कार्ड मिले हैं। ऐसा कोई बैंक नहीं जिसका एटीएम कार्ड इनके पास न हो। कुछ खाते इनके नाम पर मिले। अधिकतर एटीएम इनके नहीं बल्कि किसी और के हैं। ये लोग गरीबों और मजबूरों का खाता खुलवाते थे। उनका एटीएम खुद रख लेते थे। इसके बदले उन्हें कुछ रुपये दे देते थे। इन्हीं के खातों में रुपये डालते थे और एटीएम से निकालने के दौरान पूरा खेल करते थे। पुलिस को रकम निकालते इनके फुटेज भी मिले हैं।