कानपुर में पनकी नहर की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने का सिंचाई विभाग का अभियान एक बार फिर फुस हो गया। सिंचाई विभाग के अफसर पांच घंटे तक पनकी थाने में बैठे फोर्स का इंतजार करते रहे। फोर्स नहीं मिली, तो फिर डीएम के पास पहुंचे। मंगलवार को अभियान पनकी बड़ी नहर से अर्मापुर तक चलना था। अवैध कब्जे हटाने का अभियान पूर्व घोषित था, इसके बाद भी पुलिस नहीं मिल पाई। दो साल में यह पांचवां मौका है, जब पुलिस न मिलने की वजह से अभियान नहीं चल सका।
सिंचाई विभाग की भूमि पर 17 स्थानों पर 40 हजार अवैध कब्जे हैं। लोगों नेे दो-तीन मंजिला पक्के मकान बना लिए हैं। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठान भी हैं। जैसे ही सिंचाई विभाग अवैध कब्जे हटाने की रणनीति बनाता है। विरोध शुरू हो जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा अधिकारी भी अभियान को लेकर सक्रिय हो जाते हैं। विधायक भी वोट बैंक के चक्कर में विरोध करने लगते हैं। मंगलवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अजय राय की अगुवाई में टीम अवैध कब्जे गिराने पहुंची।