खुफिया इकाइयों की जांच पर सवाल
दो साल पहले शासन ने संदिग्ध बांग्लादेशियों को लेकर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए स्थानीय खुफिया इकाइयों से कहा गया था। तब दो महीने की जांच के बाद इकाइयों ने लिखकर दिया था कि शहर में कोई भी संदिग्ध बांग्लादेशी या रोहिंग्या नहीं रह रहा है। अब बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जाने के बाद खुफिया जांच सवालों के घेरे में है।
भारतीय नागरिकता पाने के लिए विधायक का लिया सहारा
सूत्रों के अनुसार बांग्लादेशी नागरिक ने भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू का सहारा लिया था। दोनों से प्रमाणपत्र जारी करा सबसे पहले यहां का निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसके बाद उन प्रमाणपत्रों के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट हासिल कर लिया।
पुलिस के पास नहीं हैं इन सवालों के जवाब
- रिजवान आखिर फर्जी दस्तावेज बनाकर भारत में बसने क्यों आया?
- भारतीय नागरिकता लेने के बाद उसकी मंशा क्या थी?
- फर्जी दस्तावेज बनाने में किसी भूमिका रही?