पुलिस ने इनके पास से 14.56 लाख रुपये, 1001 यूएस डॉलर, जेवरात, सोने के बिस्किट के टुकड़े और कुल 13 पासपोर्ट बरामद किए थे। आरोपी परिवार को सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू रहमान ने यहां का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया था।
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद परिवार के चार सदस्यों को जेल भेज दिया। वहीं रिजवान के नाबालिग बेटे को बच्चा जेल भेजा गया है। जेल भेजने से पहले लखनऊ से आए एटीएस, एनआईए व आईबी के अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ की।
साथ ही उनके पास से मिले दस्तावेजों को देखा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एनआईए के अफसर ही इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर केंद्र में शासन को भेजेंगे। वहीं रिपोर्ट रॉ को भी भेज दी जाएगी।
व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट कराए जाएंगे रिकवर
सुरक्षा एजेंसियों ने रिजवान मोहम्मद के मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट की भी जांच की है। उसमें व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट से कई मैसेज डिलीट मिले हैं, जिन्हें रिकवर कराया जाएगा। वहीं कुछ विदेशियों से बातचीत के मैसेज एजेंसी के अधिकारियों को मिल गए हैं।
विधायक सोलंकी के प्रमाणपत्र पर बने थे भारतीय
बता दें कि डॉ. रिजवान मोहम्मद और उसके परिवार ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और एक पार्षद द्वारा दिए प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था। ऐसे में विधायक इरफान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जांच के बाद इस मामले में भी पुलिस उन्हें आरोपी बना सकती है।
सोमवार को मूलरूप से बांग्लादेश के कुरला निवासी डॉ. रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसार, एक नाबालिग बेटे (17) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परिवार का एक युवक मोहम्मद अदीब लापता है। यह लोग वर्ष 2016 से यहां छिपकर रह रहे थे। जासूसी मामले में भी इनकी जांच की शुरू की गई है।
13 पासपोर्ट, पांच आधार कार्ड बरामद
गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 14 लाख, 56 हजार 400 रुपये की भारतीय मुद्रा, 25 लाख के जेवरात, 13 पासपोर्ट, पांच फर्जी आधार कार्ड इसके अलावा विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है।