जबकि गैंगस्टर समेत छह अन्य मुकदमों की जांच चल रही है। इन छह मुकदमों में जल्द ही पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। नूरी को जमानत मिलने पर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले की समीक्षा की और पैरवी करने वाले अधिवक्ता से बात की। सीपी का मानना है कि पैरवी में कहीं न कहीं कमी रह गई है।
तय किया गया कि विशेष अधिवक्ता से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कराई जाएगी ताकि आरोपियों को जमानत न मिल सके। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि शासन को पत्र भेजकर विशेष अधिवक्ता की मांग की है। जिससे कि बिकरू कांड की तर्ज पर पैरवी करा इरफान और उसके सहयोगियों को सजा दिलाई जा सके।
ज्वाइंट सीपी ने विवेचकों के साथ की बैठक
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी की निगरानी में बाकी छह मुकदमों की जांच चल रही है। विधिक जानकार और पुलिस अफसरों का एक पैनल भी जांच के एक-एक बिंदु की समीक्षा कर रहा है।
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हो जाएगी। बुधवार को जेसीपी ने सभी मुकदमों की समीक्षा की और विवेचकों के साथ बैठक की। उन्होंने विवेचकों से कहा कि कोई भी कमजोर बिंदु का आरोपी फायदा उठा सकते हैं, ऐसे में कमी छोड़ी ही नहीं जाए।