जिला कारागार से रिहाई के बाद वापस घर जाते पूर्व विधायक इरफान सोलंकी।
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गैंगस्टर में जमानत न मिलने से अटकी थी रिहाई
नजीर फातिमा के प्लाॅट पर आग लगाने के मुकदमे में एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने सात जून 2024 को इरफान, रिजवान, शौकत अली, मो. शरीफ और इसराइल आटेवाला को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अपील स्वीकार होने पर 14 नवंबर 2024 को इरफान को जमानत मिल गई थी। अन्य मुकदमों में भी इरफान को जमानत मिल चुकी थी सिर्फ गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण रिहाई अटकी थी।
इरफान सोलंकी और नसीम सोलंकी
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चली गई थी विधायकी
सपा के विधायक रहे इरफान सोलंकी को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी जिसके कारण उनको अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी। इसके चलते सीसामऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। चुनाव में सपा की ओर से इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी को मैदान में उतारा गया। सपा का दांव काम आया और नसीम चुनाव जीतने में कामयाब हो गईं। इससे सपा की परंपरागत सीट पर इरफान के परिवार का कब्जा बरकरार रहा।
पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, विधायक नसीम सोलंकी के साथ में अन्य..
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एक माह में दर्ज हुए थे आठ मुकदमे
इरफान के खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मुकदमों में इरफान बरी भी हो चुके हैं। वर्ष 2022 में दस मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से आठ मुकदमे जाजमऊ आगजनी की घटना के बाद एक माह के अंदर दर्ज हुए थे। आगजनी के मुकदमे में सजा सुनाई जा चुकी है। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट, फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करना, बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनाना जैसे मुकदमे महत्वपूर्ण हैं। मो. नसीम आरिफ, अकील अहमद और विमल कुमार द्वारा रंगदारी मांगने से संबंधित मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। सभी मुकदमों में सुनवाई चल रही है।
इरफान के स्वागत में आतिशबाजी करते समर्थक
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गैंगस्टर के मुकदमे में सुनवाई अब 14 को
गैंगस्टर के मुकदमे में एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में सुनवाई अब 14 अक्तूबर को होगी। अभियोजन को मंगलवार को पहला गवाह पेश करना था लेकिन गवाह के न आने के कारण सुनवाई टल गई। इरफान, रिजवान, मो. शरीफ, शौकत अली, इसराइल आटेवाला, अज्जन उर्फ एजाज और मुर्सलीन खां उर्फ भोलू के खिलाफ जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट में इस मुकदमे में आरोप तय कर दिए गए थे। इरफान समेत सभी सात लोगों पर धमकाकर वसूली करने, अवैध संपत्ति अर्जित करने आदि के आरोप लगे हैं। इस मुकदमे में मंगलवार को गवाही शुरू होनी थी लेकिन गवाह के न आने पर अब 14 अक्तूबर को होगी।
इरफान के स्वागत में आतिशबाजी करते समर्थक
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दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान से सपा में हलचल
दो साल 10 महीने तक जेल में रहने के बाद सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को मिली रिहाई से सियासी गलियारे में काफी हलचल है। जमानत का फैसला आने से के ठीक तीन दिन पहले कचहरी में सुनवाई पर आए इरफान का पूरे आत्म विश्वास से मीडिया के सामने यह कहना कि 2027 में उनके परिवार से दो लोग चुनाव लड़ेंगे। इससे दूसरी पार्टियों से ज्यादा समाजवादी पार्टी के अंदर चर्चा अधिक हो रही है। कहा जा रहा है कि सीसामऊ सीट तो इरफान के परिवार से पक्की है दूसरी सीट काैन सी होगी, इसे लेकर पार्टी के नेता गुणा भाग लगाने लगे हैं। पिछली दो बार से शहर की सात सीटों में से तीन विधानसभा सीटें समाजवादी पार्टी के हिस्से में आ रही हैं। यहां तक की सीसामऊ सीट पर उप चुनाव होने के बावजूद फिर से वहां पर सपा काबिज हो गई।
हाजी फजल महमूद, महानगर अध्यक्ष, सपा
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किस सीट पर काैन लड़ेगा, एक परिवार से एक लोग लड़ेंगे या दो लोग यह सब पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे। मैं संगठन से जुड़ा हुआ जिसे भी टिकट पार्टी देगी उसे ही पूरी जिम्मेदारी से लड़ाया जाएगा। -फजल महमूद महानगर अध्यक्ष सपा
मोहम्मद हसन रूमी, सपा विधायक छावनी
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विधानमंडल की बैठकों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हमेशा यह कहते आए हैं कि 2022 में पार्टी प्रत्याशियों ने जिस तरह पूरी मेहनत से सभी को जोड़कर विजय हासिल की वह काफिले तारीफ है। 2027 में भी हाईकमान जो फैसला लेगा वह सभी के लिए मान्य होगा। -मो. हसन रूमी विधायक कैंट