फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Irfan Solanki: इरफान बोले- लंबे समय बाद खुली हवा में ली सांस, दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान से सपा में हलचल

Wed, 01 Oct 2025 10:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पूर्व विधायक इरफान सोलंकी 34 महीने बाद महाराजगंज जेल से रिहा हो गए हैं। गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने के बाद बाहर आकर उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का आभार जताया, जिन्होंने जेल में रहते हुए भी उनके परिवार का साथ दिया।
विज्ञापन
फेसबुक पर परिवार के साथ पोस्ट की पहली फोटो - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराजगंज जेल से रिहा होने के बाद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि 34 महीने बाद खुली हवा में सांस ली है। इसके लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया। कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमेशा मेरे परिवार का साथ दिया। हर रोज वह फोन करके बच्चों का हालचाल लेते रहते थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अपने लोगों के साथ बैठकर जेल में इतने दिन कैसे बीते इसे लेकर विस्तार से बात करेंगे।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि शहर के लोगों के सहयोग की वजह से उनके जेल में रहते उनकी पत्नी विधायक बनीं। जेल से निकलने के बाद कार में उनकी पत्नी विधायक नसीम सोलंकी, बेटा और दोनों बेटियां पहले से ही इंतजार कर रही थीं। वह लोग सुबह ही महाराजगंज पहुंच गए थे। देर रात उनका महानगर पहुंचने पर जाजमऊ के पास स्वागत हुआ। घर पहुंचने पर मिलने वालों का तांता लगा रहा। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इटली से फोन पर बात कर उन्हें जेल से रिहा होने की बधाई दी।

Trending Videos

जिला कारागार से रिहाई के बाद वापस घर जाते पूर्व विधायक इरफान सोलंकी। - फोटो : amar ujala

गैंगस्टर में जमानत न मिलने से अटकी थी रिहाई
नजीर फातिमा के प्लाॅट पर आग लगाने के मुकदमे में एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने सात जून 2024 को इरफान, रिजवान, शौकत अली, मो. शरीफ और इसराइल आटेवाला को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अपील स्वीकार होने पर 14 नवंबर 2024 को इरफान को जमानत मिल गई थी। अन्य मुकदमों में भी इरफान को जमानत मिल चुकी थी सिर्फ गैंगस्टर के मुकदमे में जमानत न मिल पाने के कारण रिहाई अटकी थी।

इरफान सोलंकी और नसीम सोलंकी - फोटो : amar ujala
चली गई थी विधायकी
सपा के विधायक रहे इरफान सोलंकी को सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी जिसके कारण उनको अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी। इसके चलते सीसामऊ विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। चुनाव में सपा की ओर से इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी को मैदान में उतारा गया। सपा का दांव काम आया और नसीम चुनाव जीतने में कामयाब हो गईं। इससे सपा की परंपरागत सीट पर इरफान के परिवार का कब्जा बरकरार रहा।

पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, विधायक नसीम सोलंकी के साथ में अन्य.. - फोटो : amar ujala
एक माह में दर्ज हुए थे आठ मुकदमे
इरफान के खिलाफ विभिन्न थानों में 18 मुकदमे दर्ज हैं। कुछ मुकदमों में इरफान बरी भी हो चुके हैं। वर्ष 2022 में दस मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें से आठ मुकदमे जाजमऊ आगजनी की घटना के बाद एक माह के अंदर दर्ज हुए थे। आगजनी के मुकदमे में सजा सुनाई जा चुकी है। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट, फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करना, बांग्लादेशी नागरिक का फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनाना जैसे मुकदमे महत्वपूर्ण हैं। मो. नसीम आरिफ, अकील अहमद और विमल कुमार द्वारा रंगदारी मांगने से संबंधित मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं। सभी मुकदमों में सुनवाई चल रही है।

इरफान के स्वागत में आतिशबाजी करते समर्थक - फोटो : amar ujala
गैंगस्टर के मुकदमे में सुनवाई अब 14 को
गैंगस्टर के मुकदमे में एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में सुनवाई अब 14 अक्तूबर को होगी। अभियोजन को मंगलवार को पहला गवाह पेश करना था लेकिन गवाह के न आने के कारण सुनवाई टल गई। इरफान, रिजवान, मो. शरीफ, शौकत अली, इसराइल आटेवाला, अज्जन उर्फ एजाज और मुर्सलीन खां उर्फ भोलू के खिलाफ जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट में इस मुकदमे में आरोप तय कर दिए गए थे। इरफान समेत सभी सात लोगों पर धमकाकर वसूली करने, अवैध संपत्ति अर्जित करने आदि के आरोप लगे हैं। इस मुकदमे में मंगलवार को गवाही शुरू होनी थी लेकिन गवाह के न आने पर अब 14 अक्तूबर को होगी।

इरफान के स्वागत में आतिशबाजी करते समर्थक - फोटो : amar ujala
दो सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान से सपा में हलचल
दो साल 10 महीने तक जेल में रहने के बाद सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को मिली रिहाई से सियासी गलियारे में काफी हलचल है। जमानत का फैसला आने से के ठीक तीन दिन पहले कचहरी में सुनवाई पर आए इरफान का पूरे आत्म विश्वास से मीडिया के सामने यह कहना कि 2027 में उनके परिवार से दो लोग चुनाव लड़ेंगे। इससे दूसरी पार्टियों से ज्यादा समाजवादी पार्टी के अंदर चर्चा अधिक हो रही है। कहा जा रहा है कि सीसामऊ सीट तो इरफान के परिवार से पक्की है दूसरी सीट काैन सी होगी, इसे लेकर पार्टी के नेता गुणा भाग लगाने लगे हैं। पिछली दो बार से शहर की सात सीटों में से तीन विधानसभा सीटें समाजवादी पार्टी के हिस्से में आ रही हैं। यहां तक की सीसामऊ सीट पर उप चुनाव होने के बावजूद फिर से वहां पर सपा काबिज हो गई।

हाजी फजल महमूद, महानगर अध्यक्ष, सपा - फोटो : amar ujala
किस सीट पर काैन लड़ेगा, एक परिवार से एक लोग लड़ेंगे या दो लोग यह सब पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे। मैं संगठन से जुड़ा हुआ जिसे भी टिकट पार्टी देगी उसे ही पूरी जिम्मेदारी से लड़ाया जाएगा।  -फजल महमूद महानगर अध्यक्ष सपा
विज्ञापन

मोहम्मद हसन रूमी, सपा विधायक छावनी - फोटो : amar ujala
विधानमंडल की बैठकों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हमेशा यह कहते आए हैं कि 2022 में पार्टी प्रत्याशियों ने जिस तरह पूरी मेहनत से सभी को जोड़कर विजय हासिल की वह काफिले तारीफ है। 2027 में भी हाईकमान जो फैसला लेगा वह सभी के लिए मान्य होगा।  -मो. हसन रूमी विधायक कैंट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें