उन्होंने बताया कि टीम ने घर में किस तरह का कोई नुकसान नहीं किया। एक पुरानी अलमारी का ताला खराब हो गया था, लेकिन उसे भी तोड़ा नहीं। टीम अपने साथ कटर, फोटो कॉपी मशीन और नोट गिनने की मशीन लाई थी, लेकिन इसकी नौबत नहीं आई। घर में मिले दस्तावेजों की करीब 500 फोटोकॉपी अपने साथ ले गए। इसकी रिसीविंग टीम ने उनके ड्राइवर अनीश को दी थी। वहीं, नसीम को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया।
अधिवक्ता का दावा: किसी के पास नहीं मिली नकदी व गहने
सपा विधायक इरफान सोलंकी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि विधायक या उनके परिवार के घर से ईडी को न तो गहने मिले और न ही नकदी। इसका प्रमाण उनके पास मौजूद है। दावा है कि ईडी द्वारा बरामदगी के प्रपत्र जो उन्हें सौंपे हैं, उसमें रिजवान व चाचा कामरान को क्लीन चिट दी गई है। पंचायतनामा में साफ लिखा है कि उनके घर से कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। इरफान के घर से कुछ रजिस्टर व दस्तावेज ले जाए गए हैं। जबकि, उनके तीन भाइयों फरहान, अरशद व इमरान के तीन मोबाइल ईडी की टीम साथ ले गई है।
पत्नी बोली- राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के लिए पति को घसीटा
पति इरफान सोलंकी को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के लिए उन्हें इस विवाद में घसीटा जा रहा है। विवादित प्लाट से उनका व उनके पति का कोई लेनादेना नहीं है। यह बात विधायक इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी ने मीडिया से कही। गुरुवार को ईडी के छापे पर नसीम सोलंकी ने कहा कि हमने जांच में पूरा सहयोग किया। वहीं, टीम ने भी कोई नुकसान नहीं किया है।
रजिस्ट्री की फोटो कॉपी साथ ले गए अधिकारी
नसीम सोलंकी ने बताया कि गुरुवार को वह महाराजगंज जेल में बंद पति इरफान से मिलाई के लिए गई थीं। इस बीच घर पहुंची ईडी की टीम ने ड्राइवर से उन्हें फोन कराकर छापे की जानकारी दी। नसीम के अनुसार टीम को अलमारी की चाबियां उपलब्ध करा दी गई थीं। गहने और नकदी रखी थी, जिसे टीम नहीं ले गई। कुछ रजिस्ट्रियां रखी थीं, जिनकी फोटो कॉपी अधिकारी अपने साथ ले गए।
सभी सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे
बुलाने पर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। नसीम के अनुसार टीम ने छापे के दौरान घर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे। वहीं, नसीम ने बताया कि इरफान के जेल जाने के बाद से उनका खाता सीज है। इस कारण विधायक पद से मिलने वाला वेतन नहीं निकल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।