सपा विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ पुलिस के पास फिलहाल कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं हैं। इसलिए पुलिस ने रिजवान की गिरफ्तारी सिर्फ जाजमऊ वाले केस में की है। ग्वालटोली थाने में दर्ज मुकदमे में पुलिस उसके खिलाफ अभी साक्ष्य जुटा रही है। रिजवान को इस केस में आरोपी बनाए जाने पर भी सवाल खड़े हो चुके हैं।
आठ नवंबर को जाजमऊ थाने में आगजनी व रंगदारी के केस में इरफान व रिजवान दोनों आरोपी हैं। ग्वालटोली में 26 नवंबर को दर्ज किए गए जालसाजी, साजिश, धोखाधड़ी आदि धाराओं में दर्ज केस में इन दोनों के समेत नौ आरोपी हैं। दोनों भाइयों को शुक्रवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो रिजवान की गिरफ्तारी पहले वाले केस में की गई। ग्वालटोली वाले केस में पुलिस का कहना था कि अभी उसमें रिजवान के खिलाफ ठोस सुबूत नहीं हैं। पहले पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि रिजवान ने भी फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं।
तहरीर में भी नहीं रिजवान का जिक्र
ग्वालटोली थाने में दर्ज किए गए मुकदमे की तहरीर में इरफान सोलंकी के बारे में लिखा है कि अशरफ अली बनकर हवाई सफर किया। इसमें रिजवान को लेकर कोई तथ्य नहीं लिखा है। रिजवान का जिक्र जाजमऊ में दर्ज केस वाली तहरीर में है।
रिजवान के हवाई सफर करने के भी सुबूत नहीं
एफआईआर में इरफान संबंधी पूरा विवरण लिखा हुआ है कि वह किस तरह से शहर से दिल्ली, दिल्ली से मुंबई व हैदराबाद गया। रिजवान को लेकर कोई जानकारी नहीं है। न ही वह एयरपोर्ट के सीसीटीवी में कैद है। अब तक की जांच में साफ हुआ है कि वह इरफान के साथ गया नहीं था।