इसके साथ ही 50 एकड़ निजी भूमि पर एमएसएमई पार्क बनाने के इच्छुक उद्यमियों को प्रति एकड़ 50 लाख रुपये के हिसाब से एक फीसदी ब्याज पर ऋण सरकार मुहैया कराएगी। यह ऋण तीन साल में वापस करने का विकल्प है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल प्रोजेक्ट के लिए निजी क्षेत्र में पार्क के लिए 10 एकड़ भूमि उद्यमी दें तो अवस्थापना खर्च का आधा सरकार वहन करेगी। कहा कि यदि फैक्टरी में तीन सौ या इससे अधिक कर्मी को रोजगार मिलता है तो सरकार की ओर से प्रति कर्मी 32 सौ रुपये का इन्सेटिव (प्रोत्साहन) दिए जाने की व्यवस्था की गई है। कहा कि लॉजिस्टिक पार्क में निवेश करने के लिए लोग आ रहे हैं।
कहा कि सूक्ष्म उद्योग एक करोड़ रुपये की छोटी इकाई पर 25 फीसदी कैपिटल सब्सिडी और 50 फीसदी ब्याज में छूट दी जा रही है। उद्यम पार्क विकसित करने पर 25 से 50 फीसदी तक ऋण में अनुदान है। कहा कि अब 24 घंटे फैक्टरियों को बिजली आपूर्ति हो रही है। कानपुर में भीमसेन को डेडीकेटेड कॉरीडोर का हब बनाया जा रहा है। यहां से निर्यात के लिए तैयार माल कम समय में शिपयार्ड तक पहुंचेगा। यहां डीएम नेहा जैन, सीडीओ सौम्या पांडेय, ज्वाइंट कमिश्रर इंडस्ट्री सर्वेश्वर शुक्ला, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र चंद्रभान सिंह आदि मौजूद रहे।
समिति में ये उद्यमी रहे मौजूद
माती इन्वेस्टर्स समिट में चर्म निर्यात परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके जालान, पशुआहार उद्यम के सुरेंद्र शिवहरे, स्पर्श फैक्टरी के विजय अग्रवाल, श्याम मोहन दुबे, रमेश चंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।