- स्पोर्ट्स कॉलेज में बुनियादी समस्याओं को लेकर छात्रों ने किया था प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ाई करने वाले छात्रों की बुनियादी समस्याओं शासन ने संज्ञान लेकर खेल मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जांच टीम सैफई भेजी गई है। टीम ने छात्रों के बयान दर्ज करने के साथ ही मैदान और स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थितियां देखीं।
जांच टीम की अध्यक्षता में सचिव प्रबंध समिति/प्रधानाचार्य गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ अजय कुमार शेट्टी नें मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज में पहुंचकर जांच पड़ताल की, लेकिन मीडिया से दूरी बनाए रहे। सूत्रों से जानकारी मिली सचिव प्रबंध समिति अजय कुमार शेट्टी ने स्पोर्ट्स कॉलेज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
छात्रों से अलग-अलग बयान दर्ज किए। कोचिंग, सुरक्षा गार्ड व सफाई कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। सुरक्षा गार्ड एवं सफाई कर्मचारियों ने जांच टीम के सामने कहां लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज एवं गोरखपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में शासन की गाइडलाइन के अनुसार कर्मचारियों को वेतन पूरा दिया जाता है। यहां पर लिपिक बाबू सिर्फ चार से पांच हजार रुपये देते हैं।
जांच टीम ने कॉलेज परिसर में चारों तरफ भ्रमण करके व्यवस्थाएं देखी और वीडियोग्राफी की। जहां पर परिसर के अंदर बड़ी-बड़ी घास देखकर नाराजगी प्रकट की। छात्रों के हॉस्टल के अंदर साफ सफाई न मिलने के कारण नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट तैयार की है। जांच टीम दो दिनों तक सैफई में मौजूद रहेगी।
यहां से रिपोर्ट तैयार करने के बाद खेल निदेशालय सौंपेगी। मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में संचालित आठ खेलों के 480 बच्चों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं और ना ही सरकार की ओर से दी जाने वाली खेल किट बच्चों को मिल पा रही है। बिजली और गंदगी से जूझ रहे छात्र छात्रावास में जैसे-तैसे रहने को मजबूर हैं।
सोमवार को छात्रों ने हॉस्टल के बाहर सैफई गोल चक्कर के पास धरना दिया था। इस बीच सड़क पर जाम लगने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कपिल दुबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझने का प्रयास किया। इस बीच एक सिपाही ने एथलेटिक्स के नेशनल खिलाड़ी राहुल यादव कक्षा 12 के डंडा मार दिया। इससे छात्र थाने के अंदर पहुंचकर हंगामा करने लगे थे।
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नियमित प्रधानाचार्य की मांग
मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रों ने मांग की है यहां स्पोर्ट्स कॉलेज में नियमित प्रधानाचार्य की तैनाती होनी चाहिए। ताकि जो खेल से संबंधित प्रधानाचार्य होगा वह बच्चों की समस्याओं को समझेगा। वर्तमान में एसडीएम के पास प्रधानाचार्य के पद का चार्ज है। वह बहुत कम आती है। यदि हम लोगों को कोई अपनी शिकायत करनी है किसी से नहीं कर पाते हैं। इसलिए यहां पर खेल से संबंधित प्रधानाचार्य की तैनाती की जाए।
मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज में जो समस्याएं हैं। उनकी जांच के लिए टीम भेजी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- आरपी सिंह, खेल निदेशक