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कानपुर: जर्मन कंपनी के फर्जी दस्तावेज लगा सप्लाई किए मेडिकल उपकरण, जांच में हुआ खुलासा

Thu, 31 Mar 2022 04:42 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

फर्जी दस्तावेज लगाकर प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में मेडिकल उपकरण सप्लाई करने का मामला सामने आया है। दरअसल, दिल्ली की एक फर्म ने जर्मनी की कंपनी के फर्जी दस्तावेज लगाकर ये धांधली की है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की जांच में यह खुलासा हुआ है। 
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मेडिकल उपकरण बेचने वाली दिल्ली की फर्म ने जर्मनी की कंपनी का फर्जी अथॉरिटी सर्टिफिकेट दिखाकर प्रदेश भर के सरकारी अस्पतालों में उपकरण सप्लाई कर डाले। जीएसवीएम मेडिकल काॅलेज को भी इस फर्म ने उपकरण सप्लाई किए थे। जांच के बाद उसका 18 लाख का भुगतान रोक दिया गया।

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काॅलेज प्रबंधन ने बुधवार को महानिदेशक को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया। मेडिकल काॅलेज के सर्जरी विभाग को फोर के लेप्रोस्कोप खरीदने थे। सप्लाई के लिए दिल्ली की न्यूसेल वेलनैस, कूमरा हेल्थ केयर और लखनऊ की पीवी इंटरप्राइजेज को उपकरण का डेमो देने के लिए बुलाया गया।

डेमो देखने के बाद चार विशेषज्ञों की समिति ने कूमरा हेल्थ केयर के लेप्रोस्कोप पसंद किए। इससे खुन्नस खाकर न्यूसेल वेलनैस ने प्रमुख सचिव डीजीएमई, सेंट्रल विजिलेंस से शिकायत कर दी कि उसे जबरदस्ती हटाया गया है। इस संबंध में काॅलेज प्रबंधन से शासन ने जवाब तलब किया।

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मामले की छानबीन में प्राचार्य डॉ. काला के साथ परचेज सेक्रेटरी डॉ. प्रशांत त्रिपाठी और फाइनेंस कंट्रोलर अजय प्रताप सिंह ने पाया कि दिल्ली की फर्म न्यूसेल वेलनैस ने जर्मनी की कंपनी रिचर्ड वुल्फ का जो अथॉरिटी सर्टिफिकेट लगाया था वह फर्जी है।

जर्मन कंपनी ने इसे फर्जी बताया। इसके बाद काॅलेज की ओर से महानिदेशक को पत्र भेजकर फर्जीवाड़े से अवगत कराया गया। इसमें यह भी बताया गया कि न्यूसेल वेलनैस कंपनी ने सैफई मेडिकल काॅलेज, डॉ. राममनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी उपकरण सप्लाई किए हैं।

फर्म ने अभी तक जो सप्लाई की है उसकी जांच की जाए। इसके साथ ही फर्म ने जीएसवीएम के नेत्र रोग विभाग को एस्कैन सप्लाई किया था। यह 18 लाख रुपए का है। इसका भुगतान रोक दिया गया है। कऍलेज के प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि रिचर्ड वुल्फ कंपनी से संपर्क करने के बाद मामला खुला।
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