कानपुर पुलिस अब नोएडा निवासी आरोपी की तलाश कर रही है। क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर आरोपी रवि शुक्ला व विशाल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कानपुर के नौबस्ता हंसपुरम में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर की जांच में क्राइम ब्रांच को पता चला है कि 2.50 लाख अमेरिकी लोगों का डाटा ठगों ने अमेरिका की कई कंपनियों के एजेंटों से खरीदा था। एक डॉलर में करीब 50-60 लोगों का डाटा खरीदा गया था।
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नोएडा निवासी एक शख्स ने ये पूरा डाटा खरीदकर कॉल सेंटर संचालक को दिया था। पुलिस अब नोएडा निवासी आरोपी की तलाश कर रही है। क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर आरोपी रवि शुक्ला व विशाल सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
आरोपी अमेरिकी नागरिकों को होम लोन और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। क्राइम ब्रांच को पता चला है कि अमेरिका की तमाम कंपनियां लोगों का डाटा जुटाती हैं। जिसमें इंश्योरेंस, मेडिकल आदि संबंधी कंपनियां शामिल हैं। इन्हीं कंपनियों के एजेंट से नोएडा निवासी एक युवक जुड़ा है।
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इसी युवक ने विदेशी एजेंटों से डाटा खरीद कर विशाल और रवि को बेंच दिया। वहीं, पुलिस ने दावा किया था कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन में काफी रकम निवेश की है। कुछ इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज हाथ लगे हैं। मगर कुल रकम कितनी निवेश की है इसका पता लगाना मुश्किल है।