कानपुर। गंगा में सीवेज जाने और नाइट्राइट मिलने का मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद नगर निगम हरकत में आया। मुख्य अभियंता ने टीम के साथ गोला घाट और डबका नाले का निरीक्षण किया। इन नालों में सीधे गंगा में मिल रहे पानी के साथ ही बायोरेमेडिएशन से शोधित होने के बाद गंगा में जा रहे पानी के नमूने भी लिए गए।
मुख्य अभियंता एसएफए जैदी और प्रभारी अभियंता (पर्यावरण) मीनाक्षी अग्रवाल ने बायोरेमेडिएशन की ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे मानकों के अनुरूप कार्य करें। माघ मेला शुरू होने के बावजूद गंगा में गंदा पानी जाने पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मुख्य अभियंता से रिपोर्ट तलब की थी।
मुख्य अभियंता एसएफए जैदी ने पानी के नमूनों को जांच के लिए सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार कंपनी को हिदायत दी गई है कि वह दिन-रात बायोरेमेडिएशन का कार्य करे और यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।