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'पागल' कुत्ते का खौफ: मासूम की हुई मौत! बच्ची ने आधा सैकड़ा लोगों को भी काटा, CHC में लगवा रहे हैं इंजेक्शन

Tue, 25 Jul 2023 11:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Jalaun News: एसीएमओ डॉ. एसडी चौधरी का कहना है कि रैबीज कुत्ता, बंदर, सियार जैसे जानवरों के काटने से ही फैलता है। किसी मनुष्य के काटने से रैबीज नहीं फैलता है। लोग अपनी सहूलियत के लिए इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
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पागल कुत्ते के काटने से मासूम की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालौन जिले के कोंच कस्बे में हर गली कूचे में आवारा कुत्तों का आतंक व्याप्त है। कुत्तों के झुंड गलियों में जगह-जगह देखे जा सकते हैं। यह कुत्ते निकलने वाले राहगीरों पर हमला कर देते हैं। कुत्तों के काटने की घटना अक्सर होती रहती है। रात बिरात आवारा कुत्ते अनजान राहगीर को देखकर घेर लेते हैं।

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इनका भरोसा नहीं रहता कब काट लें। इसके बावजूद नगरपालिका के पास आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। आवारा कुत्ते लोगों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। जिला अस्पताल में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब बीस से पच्चीस लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने न आते हों।
हाल ही में एक पागल कुत्ते के काटने से ढाई साल की बच्ची की इलाज के दौरान झांसी में मौत हो गई। मासूम में भी कुत्ते जैसे लक्षण आ गए थे, जिसने मरने से पहले उसने गांव के लगभग आधा सैकड़ा लोगों को काटा है। जो अब सीएचसी कोंच में एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवा रहे हैं।

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ढाई साल की मासूम को काटा था
इस घटना को लेकर गांव में दहशत है। मामला तहसील क्षेत्र के क्योलारी गांव का है। तहसील कोंच के ब्लॉक नदीगांव अंतर्गत ग्राम क्योलारी के रहने वाले गोलू कुशवाहा की ढाई साल की बेटी काव्या चार दिन पहले अपने मामा के घर गांव हिड़ोखरा गई थी। वहां उसे एक पागल कुत्ते ने तब काट लिया।

मरने से पहले बच्ची ने आधा सैंकड़ा लोगों ने काटा
जब वह घर के बाहर खेल रही थी। फिर वह अपने घर क्योलारी आ गई, लेकिन एकाध दिन बाद ही उस बच्ची में कुत्ते जैसे लक्षण उभरने लगे और उसने गांव के आकाश, फूलसिंह, विनीता, पप्पू, भूरी, सुनील समेत लगभग आधा सैकड़ा लोगों को काट लिया। बच्ची के परिजन इलाज के लिए उसे उरई ले गए।

ग्रामीणों में दहशत, सीएचसी में लगवा रहे हैं एंटी रैबीज इंजेक्शन
यहां से उसे गंभीर हालत में झांसी के लिए रेफर कर दिया गया। 22 जुलाई को परिजन झांसी ले गए पर मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही बच्ची की मौत हो गई। इधर, बच्ची के मरने की खबर गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। अब जिन लोगों को बच्ची ने काटा है, वे सीएचसी कोंच में एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
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मनुष्य के काटने से नहीं फैलता है रैबीज
बताया गया है कि पागल कुत्ते की भी मौत हो चुकी है। हिड़ोखरा गांव में भी तमाम लोग बच्ची के काटे के शिकार हैं। एसीएमओ डॉ. एसडी चौधरी का कहना है कि रैबीज कुत्ता, बंदर, सियार जैसे जानवरों के काटने से ही फैलता है। किसी मनुष्य के काटने से रैबीज नहीं फैलता है। लोग अपनी सहूलियत के लिए इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
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