तीनों को भेजा गया जेल
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। जिनके कब्जे से सोने की चैन, तीन अंगूठी व दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में शामिल सिपाही नीलकमल निवासी मुक्तीगंज जनपद जौनपुर, उमेशचंद्र गुप्ता निवासी मगरियापुरा और जवाहर पाटकर निवासी जुगयानापुरा, महोबा को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया। खुलासा होने के बाद स्पष्ट हो गया कि भाजपा नेता की हत्या नहीं बल्कि दुर्घटना में मौत हुई थी और सामान पीआरवी कर्मी ने साथियों के साथ निकाल लिया था।
पुलिस दिखाती मानवता तो बच सकती थी जान
भाजयुमो नगर अध्यक्ष चरखारी सचिन पाठक के दुर्घटना में घायल होने के बाद वहां से गुजरे लोगों ने जब एक युवक को सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा देखा, तो यूपी 112 पुलिस को सूचना दी। एक पुलिसकर्मी घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय पहले माल कब्जे में लेने में जुटा रहा। इसके बाद में उसे अस्पताल लाया गया, जहां इलाज दौरान मौत हो गई। लोगों का कहना है कि यदि सिपाही मानवता दिखाते हुए घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाता, तो उसकी जान बच सकती थी।