डॉक्टरों का कहना है कि रोगियों के लिवर, किडनी, आंतों में भी संक्रमण पहुंच रहा है। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि एक रोगी के वायरल फीवर के बाद दमा और अस्थमा ने उभार मार दिया है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
रोगियों को संक्रमण फ्लू हो रहा है और लक्षण कोरोना जैसे उभर रहे हैं। गले में संक्रमण के बाद फेफड़ों में जकड़न हो रही है। इसके बाद सांस बुरी तरह फूल रही है। मंगलवार को ऐसे ही एक रोगी की मौत हो गई। दो रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
विज्ञापन
उनकी हालत गंभीर है। इसके अलावा कोरोना की तरह ही वायरल फीवर शरीर के दूसरे अंदरूनी अंगों को प्रभावित कर रहा है। रोगियों के पुराने रोग उभर आ रहे हैं। लगातार 10-15 दिन से बुखार बना हुआ है। हैलट के मेडिसिन आईसीयू में वायरल फीवर से रेस्पेरेटरी डिस्ट्रेस की स्थिति में आए रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि रोगियों के लिवर, किडनी, आंतों में भी संक्रमण पहुंच रहा है। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि एक रोगी के वायरल फीवर के बाद दमा और अस्थमा ने उभार मार दिया है, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही वायरल फीवर के बाद सेप्टीसीमिया की चपेट में आए रोगी की मौत हो गई। किदवईनगर के रहने वाले रोगी रामलाल (55) को निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों ने बताया कि वायरल फीवर के बाद कोरोना जैसे न्यूमोनाइटिस होने के भी लक्षण मिल रहे हैं।
इसके साथ ही डायरिया भी हो रहा है। ज्यादातर रोगियों का ओपीडी स्तर पर इलाज चल रहा है। उर्सला और हैलट में सबसे अधिक रोगी फ्लू के आए। इसके साथ ही केपीएम अस्पताल और कांशीराम हॉस्पिटल में फीवर के रोगी आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में फ्लू का प्रकोप बना हुआ है।