हो चुका एक लाख क्विंटल से ज्यादा निर्यात
सीपीसी गोदाम से दो रैक निर्यात के लिए भेजी गई हैं। एक रैक में 27 हजार क्विंटल गेहूं आता है। इस प्रकार 54 हजार क्विंटल गेहूं जा चुका है। इसके अलावा इनलैंड डिपो के जरिेए तीन कंटेनर भेजे जा चुके हैं। एक कंटेनर में करीब 22 हजार क्विंटल गेहूं होता है। कानपुर से खाड़ी देशों के अलावा बांग्लादेश भी गेहूं भेजा जाता है।
ज्ञानेश मिश्रा और विष्णु अग्रवाल
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गेहूं के निर्यात पर रोक लगने से भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है। अब बाजार में गेहूं ज्यादा आएगा तो भाव कम होगा। इससे आम आदमी को सस्ता गेहूं और आटा मिल सकेगा, लेकिन व्यापारियों को नुकसान हुआ है। -ज्ञानेश मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, उप्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल
सरकार के इस अचानक फैसले से कानपुर के गेहूं व्यापारियों को पांच करोड़ का नुकसान हुआ है। कंपनियों ने आर्डर रोक दिए हैं। पोर्ट पर पहुंचा गेहूं भी होल्ड कर दिया गया है। जिन कारोबारियों ने खरीद की थी। उनके सामने बड़ी समस्या आ गई है। 40 रैक और जानी थी। -विष्णु अग्रवाल, गेहूं व्यापारी और निर्यातक