विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों पर नजर रखने के लिए आयकर विभाग मुखबिरों का सहारा लेगा। प्रत्याशियों के विरोधियों के जरिए उनकी जासूसी करेगा। बैंकों से होने वाले बड़े लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी। इसके लिए बैंकों के साथ कोआर्डिनेशन किया जा रहा है।
इस बार प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा 40 लाख निर्धारित की गई है। उप्र और उत्तराखंड के चुनाव में निगाह रखने के लिए 72 अफसरों-कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं। इसका कंट्रोल रूम लखनऊ में बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि प्रत्याशियों के साथ ही समर्थकों पर भी नजर रखी जाएगी। प्रत्याशियों के विरोधियों से उनकी ओर से किए जाने वाले खर्च, धन आदि पर जानकारी जुटाई जाएगी।