शिवली। मैथा ब्लॉक के भक्तिनपुरवा जलभराव गंदगी से बढ़े मच्छरों के प्रकोप से गांव में लोग बीमार पड़ने लगे थे। लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने एक सितंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इस पर एसडीएम ने संज्ञान लेकर बुधवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज कर जांच करवाई। इस दौरान गांव में मिले 30 रोगियों का उपचार किया गया।
मैथा पीएचसी के डॉ. आशीष दीक्षित, डॉ. प्रीति सचान के नेतृत्व में फार्मासिस्ट अमित चंद्रा सहित स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बुधवार को भक्तिनपुरवा पहुंच। यहां टीम ने लोगों के घरों पर जाकर उनकी जांच की। टीम को गांव में रामनाथ, राजेंद्र, कमलेश, रवि, सपना, कलावती, राम सखी, लाला राम, सीता सहित 30 लोग बीमार मिले। टीम ने सभी रोगियों का उपचार किया। इधर गांव में सफाई कर्मियों को लगाकर चोक नाला की भी सफाई करवाई गई।
मैथा पीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि टीम को जांच में करीब 14 बुखार रोगी मिले। जबकि 16 रोगी खांसी-जुकाम व त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित मिले। छह बुखार रोगियों में मलेरिया की आशंका पर रक्त के नमूने लेकर जांच करवाई गई। जिसमें कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला। वहीं टीम ने 12 घरों में जल पात्रों की जांच की जिसमें किसी में भी एडीज मच्छर का लार्वा नहीं मिला।
गांव की आशा से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की निगरानी करने व प्रतिदिन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम मैथा प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि भक्तिनपुरवा गांव में जलभराव व गंदगी की वजह से बीमारी फैलने की जानकारी पर स्वास्थ्य टीम व सफाई कर्मी गांव भेजे गए थे। गांव में सफाई करवाने के साथ रोगियों को चिह्नित कर उपचार दिया गया है।