कानपुर। वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में आयोजित वियतनाम फुटवियर समिट में चर्म निर्यात परिषद के उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारतीय फुटवियर उद्योग की क्षमता और निवेश संभावनाएं बताते हुए वियतनाम की कंपनियों को कानपुर समेत भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर उत्पादक और उपभोक्ता बाजार है। देश में सालाना करीब 300 करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन और 286 करोड़ जोड़ी की खपत होती है। निर्यात की मात्रा में वियतनाम दूसरे और भारत पांचवें स्थान पर है।
समित में लेदर और नॉन-लेदर फुटवियर में संयुक्त उद्यम, तकनीकी सहयोग और विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। सोल, मोल्ड, अपर, एडहेसिव, अन्य घटकों और मशीनरी निर्माण में भी निवेश के अवसर बताए गए। अमीन ने कहा कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के साझेदार देशों का संयुक्त बाजार, भारत की आबादी को छोड़कर, 150 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है। एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप और ओशिनिया के बाजार भारतीय विनिर्माण व निर्यात के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। यूरोपीय संघ के करीब 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले बाजार को भी उन्होंने अहम संभावना बताया।
उन्होंने कोल्हापुरी चप्पलों से प्रेरित अंतरराष्ट्रीय ब्रांड प्राडा की पहल का उल्लेख करते हुए भारतीय शिल्पकला की वैश्विक पहचान पर जोर दिया। साथ ही डिजाइन, कौशल विकास, ऑटोमेशन और आधुनिक उत्पादन तकनीकों में भारत-वियतनाम सहयोग का आह्वान किया। अमीन ने उद्योग प्रतिनिधियों, निर्माताओं और खरीदारों को 15-16 मार्च 2027 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले भारत फुटवियर एंड लेदर एक्सपो (बीफ्लेक्स) में आमंत्रित किया। उन्होंने इसे सोर्सिंग, निवेश, संयुक्त उद्यम और कारोबारी साझेदारी का मंच बताया।