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कुत्ता काट ले तो खुद खरीद कर लगवानी पड़ेगी वैक्सीन, जानिए क्या है पूरा मामला

Mon, 29 Jan 2018 11:03 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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इटावा के डा. भीमराव अंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वेक्सीन की किल्लत चल रही है। दो महीने से यहां आने वाले मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं खरीद कर लानी पड़ रही हैं। वेक्सीन न होने से डाक्टर कुत्ता काटने के मरीजों को सैफई रेफर करते हैं या फिर दवाएं खुद लाने के लिए कहते हैं।

 
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जसवंतनगर क्षेत्र के गांव धरवार निवासी राजेश ने बताया कि उनके दो साल के बेटे हर्ष को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। जिसके इलाज के लिए वे जिला अस्पताल में आए थे। यहां आकर पता लगा कि एंटी रैबीज वेक्सीन मौजूद नहीं है। डाक्टर ने उनसे सैफई रेफर करने की बात कही। जब वे सैफई गए तो वहां भी दवाई नहीं मिली।

 
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राजेश ने बताया कि  मजबूरन इटावा स्टेशन से मंहगी दवाई खरीद कर अपने बच्चे के लिए लानी पड़ी। वहीं धोकरन टोला निवासी पवन कुमार अपने 10 साल के बेटे पीयूष के कुत्ते काटने के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें भी इस समस्या का सामना करना पड़ा। पवन कुमार ने अस्पताल की इस व्यवस्था को लचर बताया है।

 
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 5-10 मरीज औसतन आते हैं। इमरजेंसी में बैठे डा. पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि अस्पताल में पिछले दो महीने से एंटी रैबीज वेक्सीन की सप्लाई नहीं हो रही है। अस्पताल में नोटिस भी लगा है। सीएमएस डा. एके पालीवाल ने बताया कि एंटी रैबीज वेक्सीन की आपूर्ति शासन स्तर से होती है। आपूर्ति मिलते ही यह सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।
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