कानपुर आईआईटी अब अंतरिक्ष में जीवन का रहस्य सुलझाएगा। क्या अन्य ग्रह रहने योग्य हैं, ब्लैक होल के पीछे का विज्ञान, क्षुद्रग्रहों का खनन किया जा सकता है या नहीं समेत तमाम बिंदुओं की पढ़ाई के लिए संस्थान में नए विभागों की स्थापना होगी। 12 जनवरी को हुई बोर्ड ऑफ गवर्नेंस की बैठक में दो विभागों की स्थापना के प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।
संस्थान में अब खगोल विज्ञान व अंतरिक्ष के साथ डिजाइन की भी पढ़ाई होगी। वर्ष 2023 की शुरुआत में एक बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी है। फिर मास्टर ऑफ डिजाइन प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। विभाग का नेतृत्व प्रो. नचिकेता तिवारी करेंगे।
इसमें नए उत्पाद की अवधारणा और विकास, उत्पाद डिजाइन, इंजीनियरिंग डिजाइन, ब्रांडिंग, उपयोगकर्ता-अनुभव और पैकेजिंग के क्षेत्रों में उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक डिजाइन सेल भी होगी। विभाग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित डिजाइन स्कूलों जैसे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, ऑल्टो यूनिवर्सिटी और जॉर्जिया टेक के साथ समझौता करेगा।
निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल विज्ञान विभाग अंतरिक्ष मिशन और खगोलीय वेधशालाओं, अंतरिक्ष यान डिजाइन और अंतरिक्ष मिशन योजना आदि के लिए अनुसंधान के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने वाला देश का पहला विभाग होगा। इसमें इंजीनियर, खगोलविद्, खगोल भौतिकीविद् एक साथ काम करेंगे। छात्रों को एस्ट्रोसेट, चंद्रयान दो, आदित्य एल 1, गगनयान जैसे अंतरिक्ष मिशन में भाग लेने का भी अवसर मिल सकेगा।