आईआईटी कानपुर में फैकल्टी फोरम का विरोध झेल रहे एयरोस्पेस विभाग के अध्यक्ष प्रो. एके घोष को दो बड़ी जिम्मेदारी मिली हैं। प्रो. घोष को एक तरफ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के आरनामेंट सेल ने फेल्योर एनालिसिस बोर्ड (फैब) का चेयरमैन बनाया है तो दूसरी ओर उन्हें नेशनल विंड ट्यूनल फैसिलिटी का प्रमुख भी बना दिया गया है। शनिवार को दोनों पदों के लिए प्रो. घोष के नाम का एलान किया गया।
शनिवार को इस बाबत आईआईटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर को आरनामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के निदेशक पीजी रोजतकार का पत्र मिला है। पीजी रोजतकार ने पत्र में प्रो. घोष की काफी तारीफ की है। लिखा कि 122 मीटर एक्सटेंडेड रेंज रॉकेट में प्रो. घोष का कार्य सराहनीय रहा है।
इसको देखते हुए विभाग ने उन्हें ये नई जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रो. घोष और उनकी टीम डिफेंस फील्ड के उन प्रयोगों को सफल करने के लिए काम करेगी जो किसी कारण असफल हो गए या पूरे नहीं हो पाए।