कानपुर में यूपी ईएनटी एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय यूपीकॉन-2018 के अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में बताया गया कि प्रदूषण बढ़ने के कारण धूल और धुआं जाने से नाक के अंदर एलर्जी और संक्रमण हो जाता है। इससे मस्से हो जाते हैं जिससे नाक टेढ़ी हो जाती है।
सत्र में मुंबई से आए ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अशीम देसाई ने बताया कि सर्जरी से मस्सों को ठीक करने के साथ नाक की शक्ल भी ठीक जा सकती है। नाक की एलर्जी छाती तक पहुंचती है। इसे ‘एलर्जिक मार्च’ कहते हैं। कार्यक्रम में मुंबई के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. मिलिंद कीर्तने को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया।
सत्र में डॉ. अशीम देसाई ने बताया कि अगर किसी की नाक टेढ़ी है तो उसे चेहरे के आकार के लिहाज से दुरुस्त किया जा सकता है। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने बताया कि मुंह से सांस लेने पर शरीर को पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे थकान आती है। खर्राटे आ सकते हैं जिससे अचानक आक्सीजन लेवल घटने से हार्ट अटैक आ सकता है।