पांच साल में तीन छात्रों ने की आत्महत्या, छह काउंसलर बढ़ाएगा आईआईटी
आईआईटी कानपुर में पांच साल में तीन छात्रों के खुदकुशी के मामले ने प्रबंधन को भी सांसत में डाल दिया है। अब आईआईटी ने छात्रों की नियमित काउंसलिंग कराने का फैसला लिया है। इसके लिए छह और नए काउंसलरों की नियुक्ति की जाएगी। छात्रों की मनोदशा को समझने के लिए लगातार उनसे बातचीत की जाएगी।
अब सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगे काउंसलर
काउंसलर छात्रों के रूम में जाकर उनका हाल चाल जानेंगे। यह प्रक्रिया सप्ताह के सातों दिन चलेगी। काउंसलर 24 घंटे छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगे। अभी संस्थान में छह काउंसलर हैं। हालांकि, काउंसलिंग की सुविधा अभी भी 24 घंटे के लिए है। आईआईटी प्रशासन ने माना है कि कहीं न कहीं गैप रह गया है, जिस वजह से यह घटना हुई है।
आरोपों पर आईआईटी प्रशासन का जवाब
- आरोप: छात्र को संस्थान ने बर्खास्त किया था। इसके दबाव में आकर आत्महत्या की।
आईआईटी प्रशासन: यह पूर्णत: गलत है। छात्र को बर्खास्त नहीं किया गया था।
- आरोप: छात्र की बैक लगी थी, जिस वजह से उसे बर्खास्त किया गया।
आईआईटी प्रशासन: छात्र की एक भी विषय में बैक नहीं थी। एमटेक के दौरान उसे थीसिस जमा करनी होती है। उसकी थीसिस कमजोर थी, जिसे सुधारने के लिए कहा गया था।
- आरोप: छात्र को नौकरी नहीं मिल पाई। इस बार कोई कंपनी नहीं आई।
आईआईटी प्रशासन: आईआईटी नौकरी के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है। छात्र का चयन उनकी काबिलियत पर होता है। एयरोस्पेस कंपनी नहीं आई, यह आरोप गलत है।
आईआईटी प्रशासन ने खेद जताया
आईआईटी प्रशासन का कहना है कि छात्र के निधन पर खेद है। संस्थान छात्रों के लिए सदैव कार्य करता है, फिर भी कहीं न कहीं गैप रह गया है। इसे निश्चित दूर करने का प्रयास किया जाएगा। छह नए काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी।
छात्र ने तनाव में आकर आत्महत्या की है। आईआईटी प्रशासन से कहीं न कहीं चूक हुई है, जिस वजह से छात्र ने इतना बड़ा कदम उठाया। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए आईआईटी प्रशासन को कमियों का पता लगाना होगा। -अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर