आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सिद्धार्थ पांडा के साथ डॉ. नचिकेत आशीष गोखले और डॉ. चिरंजीवी श्रीनिवासराव ने इसे तैयार किया है। गन्ने के छिलके पर स्क्रीन प्रिंटेड इलेक्ट्रोड तैयार करने के बाद विभिन्न इलेक्ट्रोनिक सेंसर के साथ सफल प्रयोग किया गया है।
गन्ने की उपलब्धता पूरी दुनिया में प्रचुर मात्रा में है और हर साल उत्पादन हो रहा है। गन्ने के छिलके पर तैयार इलेक्ट्रोड की जांच की गई तो इसे 25 से 55 डिग्री तापमान पर उपयुक्त पाया गया है। इससे भविष्य में स्पेस टेक्नोलाजी, मोबाइल फोन या अन्य उपकरणों में स्क्रीन प्रिंटेड इलेक्ट्रोड के तौर पर भी इसका प्रयोग किया जा सकेगा। आईआईटी कानपुर प्रो. सिद्धार्थ पांडा ने बताया कि गन्ने के छिलके की सतह का प्रयोग कर स्क्रीन प्रिंटेड इलेक्ट्रोड तैयार किया गया है। इससे प्रदूषण की समस्या भी नहीं होगी।