फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'सभी अपनी सेहत का ध्यान रखें': इतना कहते ही मंच पर खामोश हो गए IIT कानपुर के प्रोफेसर, हार्ट अटैक से गई जान

Sat, 23 Dec 2023 12:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एलुमनी मीट कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। उनको कार्डियोलॉजी ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
प्रोफेसर समीर खांडेकर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. एचसी वर्मा के शिक्षा सोपान आश्रम से जुड़े आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर समीर खांडेकर का शुक्रवार को हार्टअटैक से निधन हो गया। वह प्रोफेसर होने के साथ डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर के पद पर भी थे।

विज्ञापन

संस्थान में शुक्रवार सुबह चल रहे एलुमनी मीट कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। उनको कार्डियोलॉजी ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 55 साल के प्रो. समीर के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी प्रद्यन्या खांडेकर और पुत्र प्रवाह खांडेकर हैं।
प्रवाह अभी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं। उनके लौटने पर ही प्रो. समीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभी उनका शव संस्थान के हेल्थ सेंटर में रखा गया है। वह आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र भी थे। बता दें कि शिक्षा सोपान आश्रम में बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान की निशुल्क शिक्षा दी जाती है। प्रो. समीर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे।

विज्ञापन

सभी अपनी सेहत का ध्यान रखें ...कहते ही शांत हो प्रो. खांडेकर
आईआईटी के आउटरीच ऑडिटोरियम में शुक्रवार सुबह एलुमनी मीट को संबोधित करने के दौरान प्रो. समीर खांडेकर की तबीयत बिगड़ने लगी थी। मंच पर वह पूर्व छात्रों से समाज के प्रति जिम्मेदारी निर्वहन करने की बात कह रहे थे। पूर्व छात्र अपनी सेहत का ध्यान रखें बोलते-बोलते प्रो. समीर के चेहरे के हावभाव बदलने लगे।

2019 में उनको कोलेस्ट्राल की परेशानी हुई थी
पहले सबको लगा कि वह भावुक हो रहे हैं, लेकिन फिर हकीकत पता चली। इसके बाद उनको आनन-फानन में कार्डियोलॉजी ले जाया गया। उनके साथ कार्य करने वाले साथियों ने बताया कि 2019 में उनको कोलेस्ट्राल की परेशानी हुई थी। इसके बाद से उन्होंने खुद पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था।

जबलपुर में हुआ था जन्म
उनकी दवाइयां चल रही थीं। 10 नवंबर 1971 को जबलपुर में जन्मे प्रो. समीर ने 2000 में आईआईटी कानपुर से बीटेक और जर्मनी ने 2004 में पीएचडी किया था। इसके बाद 2004 में आईआईटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। 2009 में एसोसिएट प्रोफेसर, 2014 से प्रोफेसर, 2020 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष बने। इसी साल उनको डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर पद की जिम्मेदारी मिली।
विज्ञापन

सोपान आश्रम के लिए काफी कुछ करना चाहते थे प्रो. समीर
प्रो. एचसी वर्मा द्वारा संचालित शिक्षा सोपान आश्रम से वह काफी समय से जुड़े थे। अंतिम बार बीते बुधवार को प्रो. समीर ने आश्रम में जाकर बच्चों को विज्ञान के नियम भी बताए थे। प्रो. वर्मा ने कहा कि सामाजिक गतिविधियाें में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले प्रो. खांडेकर सोपान आश्रम के लिए काफी कुछ करना चाहते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें