सभी अपनी सेहत का ध्यान रखें ...कहते ही शांत हो प्रो. खांडेकर
आईआईटी के आउटरीच ऑडिटोरियम में शुक्रवार सुबह एलुमनी मीट को संबोधित करने के दौरान प्रो. समीर खांडेकर की तबीयत बिगड़ने लगी थी। मंच पर वह पूर्व छात्रों से समाज के प्रति जिम्मेदारी निर्वहन करने की बात कह रहे थे। पूर्व छात्र अपनी सेहत का ध्यान रखें बोलते-बोलते प्रो. समीर के चेहरे के हावभाव बदलने लगे।
2019 में उनको कोलेस्ट्राल की परेशानी हुई थी
पहले सबको लगा कि वह भावुक हो रहे हैं, लेकिन फिर हकीकत पता चली। इसके बाद उनको आनन-फानन में कार्डियोलॉजी ले जाया गया। उनके साथ कार्य करने वाले साथियों ने बताया कि 2019 में उनको कोलेस्ट्राल की परेशानी हुई थी। इसके बाद से उन्होंने खुद पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था।
जबलपुर में हुआ था जन्म
उनकी दवाइयां चल रही थीं। 10 नवंबर 1971 को जबलपुर में जन्मे प्रो. समीर ने 2000 में आईआईटी कानपुर से बीटेक और जर्मनी ने 2004 में पीएचडी किया था। इसके बाद 2004 में आईआईटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। 2009 में एसोसिएट प्रोफेसर, 2014 से प्रोफेसर, 2020 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष बने। इसी साल उनको डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर पद की जिम्मेदारी मिली।
सोपान आश्रम के लिए काफी कुछ करना चाहते थे प्रो. समीर
प्रो. एचसी वर्मा द्वारा संचालित शिक्षा सोपान आश्रम से वह काफी समय से जुड़े थे। अंतिम बार बीते बुधवार को प्रो. समीर ने आश्रम में जाकर बच्चों को विज्ञान के नियम भी बताए थे। प्रो. वर्मा ने कहा कि सामाजिक गतिविधियाें में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले प्रो. खांडेकर सोपान आश्रम के लिए काफी कुछ करना चाहते थे।