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IIT Kanpur: प्रो. अविनाश की रिपोर्ट का दावा- इलेक्ट्रिक से बेहतर हैं हाईब्रिड गाड़ियां, पढ़िए क्या है अध्ययन

Thu, 23 Nov 2023 03:30 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: रिपोर्ट में बताया गया कि पारंपरिक इंजन वाली कारों की तुलना में हाईब्रिड कारों में प्रति लीटर डेढ़ से दोगुना तक माइलेज मिलता है। बता दें कि हाईब्रिड गाड़ियां बिजली और पेट्रोल दोनों से संचालित होती हैं।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पर्यावरण सुरक्षा के लिए इलेक्टि्रक गाड़ियों के पीछे भागना बंद करें। हाईब्रिड गाड़ियों के मुकाबले इलेक्ट्रिक गाड़ियों के निर्माण, उपयोग और स्क्रैप में अधिक ग्रीन हाउस गैसें निकलती हैं, जो पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। यह खुलासा आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अविनाश अग्रवाल की स्टडी रिपोर्ट में हुआ है।

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उन्होंने इस दावे को चुनौती दी है कि इलेक्ट्रॉनिक कारें हाईब्रिड कारों और पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन कारों की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल हैं। उनका दावा है कि हाईब्रिड गाड़ियां सबसे अधिक पर्यावरण अनुकूल हैं।
प्रो. अविनाश और जापानी संगठन की मदद से इलेक्ट्रिक, हाईब्रिड और पारंपरिक कारों पर एक स्टडी की गई थी।
इंजन रिसर्च लैब की रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण, उपयोग और स्क्रैपिंग से हाइब्रिड और पारंपरिक इंजन कारों की तुलना में विभिन्न श्रेणियों में 15 से 50 प्रतिशत अधिक ग्रीनहाउस गैसों (जीएचजी) का उत्सर्जन हो रहा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वाहनों (ईवी) की खरीद, बीमा और रखरखाव भी अन्य कारों की तुलना में 15-60 प्रतिशत तक महंगा है।

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देश में 75 फीसदी बिजली कोयले से पैदा होती है
अध्ययन में कारों को तीन श्रेणियों दो विदेशी श्रेणियों और एक भारतीय श्रेणी में विभाजित किया गया था। अध्ययन में पाया गया कि बैटरी इलेक्ट्रिक कारों (बीईवी) में बैटरी को बिजली से चार्ज करना पड़ता है, जबकि वर्तमान में देश में 75 फीसदी बिजली कोयले से पैदा होती है, जो कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जित करता है।
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हाईब्रिड गाड़ियां बिजली और पेट्रोल दोनों से संचालित होती हैं
ऐसे में जितना इनका संचालन होगा, उतने ही कोयले की खपत बढ़ेगी और कार्बन डाई ऑक्साइड उतनी ही अधिक उत्सर्जित होगी। रिपोर्ट में बताया गया कि पारंपरिक इंजन वाली कारों की तुलना में हाईब्रिड कारों में प्रति लीटर डेढ़ से दोगुना तक माइलेज मिलता है। बता दें कि हाईब्रिड गाड़ियां बिजली और पेट्रोल दोनों से संचालित होती हैं।
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