जिले की 24 शिकायतें दर्ज की गईं थीं
एक महीने में 676 शिकायतें आईं, जिसमें 492 शिकायतों का निस्तारण हो सका। सीएम कार्यालय से निस्तारित शिकायतों में 4003 का फीडबैक लिया गए, जिसमें 2420 शिकायतकर्ता खुश मिले। यही नहीं, 1635 मामलों की अधिकारी स्तर से दोबारा जांच की गई फिर भी 785 लोग असंतुष्ट मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जिले की 24 शिकायतें दर्ज की गईं थीं।
जिलाधिकारी ने टीम में किया था बदलाव
लोकसभा चुनाव के बाद जिले की आईजीआरएस रैंकिंग में सुधार नहीं हो रहा था। इसके लिए लगातार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी। शिकायतों के निस्तारण और सही तरह से मानीटरिंग न हो पाने के कारण जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आईजीआरएस की मॉनिटरिंग करने वाली टीम में बदलाव किया था। उसके बाद दिसंबर महीने में रैंकिंग में कुछ सुधार दिखा है।