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Exclusive: 500 करोड़ के नुकसान के बाद फैक्टरियों के बाहर लगे CCTV, एसजीएसटी कार्यालय में बनेगा कमांड सेंटर

Thu, 09 Jan 2025 10:58 AM IST
हिमांशु अवस्थी अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे और हार्डवेयर का काम पूरा होने वाला है।  सॉफ्टवेयर यानी कमांड सेंटर पर काम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कैमरों का एक्सेस विभाग के दो से तीन शीर्ष अफसरों के पास रहेगा।
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पान मसाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में पान मसाला कारोबारियों की फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगने का काम शुरू हो गया है। अब एसजीएसटी विभाग के अधिकारी सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करेंगे। इसके लिए लखनपुर स्थित एसजीएसटी कार्यालय में कमांड सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के बाद फैक्टरियों के बाहर अफसरों की 24 घंटे निगरानी कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी। तीन महीने से हो रही निगरानी के कारण पान मसाला से जुड़े उत्पादों के कारोबार को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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कानपुर नगर, कानपुर देहात में बड़े पैमाने पर पान मसाला, गुटखा, खैनी और तंबाकू का उत्पादन किया जाता है। यहां पर एसएनके, गगन, सर, रायल, मधु, शिखर, केसर, सिग्नेचर शुद्ध प्लस, तिरंगा, किसान ब्रांड का उत्पादन किया जाता है। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा, दिल्ली से तैयार माल शहर में आता है। पान मसाला कारोबार में कर चोरी रोकने के लिए पहले से ही ऑनलाइन निगरानी हो रही थी। इसके बाद इकाइयों के बाहर अफसरों की 24 घंटे की निगरानी रोस्टर के हिसाब से शुरू कर दी गई थी।

सीसीटीवी कैमरे लगवाने को हो गए हैं तैयार
सूत्रों ने बताया कि प्रमुख सचिव एम देवराज ने कुछ समय पहले हुई बैठक में अफसरों को फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे, पर कारोबारियों ने मना कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि अब कारोबारी अपनी फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने को तैयार हो गए हैं। कैमरे लगने भी लगे हैं। देश में ऐसा पहली बार होगा कि ट्रेड विशेष की निगरानी सीसीटीवी से करवाई जाएगी।

अरबों का कारोबार निगरानी से प्रभावित हुआ
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे और हार्डवेयर का काम पूरा होने वाला है।  सॉफ्टवेयर यानी कमांड सेंटर पर काम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कैमरों का एक्सेस विभाग के दो से तीन शीर्ष अफसरों के पास रहेगा। दि किराना मर्चेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अलंकार ओमर का कहना है कि अरबों का कारोबार निगरानी से प्रभावित हुआ है।

आज खत्म हो रही है रोस्टर व्यवस्था
पान मसाला और लोहा इकाइयों की 24 घंटे निगरानी के लिए विभाग के अफसरों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई गई है जो गुरुवार को खत्म हो रही है। निगरानी के लिए 38 टीमें लगाई गई थीं। हालांकि अभी लोहा इकाइयों में कैमरे नहीं लगे हैं। संभव है कि जल्द ही इनमें भी कैमरे लगने शुरू हो जाएं।

ऐसे हुआ 500 करोड़ के कारोबार को नुकसान
पान मसाला इकाइयों में उत्पादन घटकर 30 प्रतिशत पर आने से सुपाड़ी कारोबार 90 प्रतिशत तक गिर गया है। पहले सामान्य दिनों में शहर में 1000 से 1200 बोरी सुपाड़ी की खपत होती थी जो अब 50 बोरी ही रह गई है। एक बोरी में 50 किलो सुपाड़ी होती है। औसतन शहर में प्रतिदिन चार से पांच करोड़ रुपये की सुपाड़ी की बिक्री होती थी।

सामान्य दिनों में 50-50 बोरी थी खपत
कत्था, लौंग, इलायची, पिपरमेंट, जड़ी-बूटी, गरी, अलग-अलग प्रकार के सुगंध का व्यापार सिमटकर 30-40 प्रतिशत ही रह गया है। प्रतिदिन 50 से 100 पेटी कत्था का कारोबार होता था जो अब 20-25 पेटी ही रह गया है। एक पेटी में 20 किलो कत्था आता है। औसतन हर दिन 50 लाख रुपये का कत्था बिकता था। लौंग-इलायची की खपत सामान्य दिनों में 50-50 बोरी थी, जो अब 10-15 बोरी ही रह गई है।
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पैकेजिंग कारोबार पर भी तगड़ा असर
इसके अलावा पान मसाला में अलग-अलग प्रकार के सुगंध का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खपत भी 25-30 प्रतिशत ही रह गई है। इसके अलावा पैकेजिंग कारोबार पर भी तगड़ा असर पड़ रहा है। उत्पादन घटने से कर्मचारियों और श्रमिकों को 15 दिन की छुट्टी दे दी गई है।
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