कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में अब एक साल बाद पढ़ाई छोड़ने वाले स्नातक के छात्रों को यूजी सर्टिफिकेट और दो साल पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को यूजी डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इस सत्र से मिलने वाली नई सुविधा के तहत छात्र-छात्राएं किसी भी वर्ष न केवल पढ़ाई छोड़ सकेंगे बल्कि किसी भी वर्ष के बाद एक पाठ्यक्रम को छोड़कर दूसरे में प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिए पूर्व में आवेदन करना होगा।
विवि ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नियमों के तहत मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था लागू की है। अभी तक स्नातक पाठ्यक्रम के तीन साल पूरे करने पर ही डिग्री मिल पाती थी। अब विवि में प्रथम वर्ष यानी दो सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने पर सर्टिफिकेट देने का नियम लागू कर दिया है। विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में भी इसे लागू कर दिया है। इस संबंध में सभी महाविद्यालयों को भी पत्र भेजा गया है। पत्र के अनुसार जिन भी छात्रों ने अपने चयनित स्नातक पाठ्यक्रम से बाहर जाने का निर्णय किया है उनके लिखित आवेदनों की सूची 18 अगस्त से पहले विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दी जाए।
आवेदन पत्र में छात्र का नाम, नामांकन संख्या, रोल नंबर, महाविद्यालय का नाम एवं कोड और पूर्व की अंकतालिकाओं की कॉपी लगेंगी। सभी आवेदन महाविद्यालय से सत्यापित कर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा कराने होंगे। एनईपी के एग्जिट प्रोग्राम में शामिल होने के लिए छात्रों को प्रथम वर्ष के सभी निर्धारित क्रेडिट स्कोर पूरे करने होंगे। जिसमें तीन मेजर पाठ्यक्रम , एक माइनर पाठ्यक्रम, दो सह -पाठ्यक्रम और व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल होंगे। यूजी डिप्लोमा के इच्छुक छात्रों को तीन मेजर, एक माइनर, दो सह -पाठ्यक्रम और व्यावसायिक पाठ्यक्रम काे सफलता पूर्वक पूरा करना होगा।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विवि में इसी सत्र से मल्टीपल एंट्री और एग्जिट को लागू किया है। जो किसी कारणवश बीच में पढ़ाई छोड़ना चाहते हैं उसका उनको सर्टिफिकेट या डिप्लोमा दिया जाएगा।