उसने बताया कि चीख सुनकर वह बाहर आया। मां के सिर और कंधे पर कुल्हाड़ी की चोट के निशान थे। पिता पास में कुल्हाड़ी हाथ में लेकर बैठा था। पिता करीब एक साल से मां पर शक करने लगा था।
उसने बताया कि मां नित्यक्रिया को जंगल जाती थी तो उसका पीछा करते थे। खेत, घरेलू कामकाज में भी मां के साथ ही पिता आते-जाते थे। वह मां पर शक करते थे। उन लोगों को लगता था पिता किसी मानसिक बीमारी का शिकार हो गए हैं। निरीक्षक नीरज यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पति को हिरासत में लिया गया है। बेटे बबलू की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।