दहेज हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार राय की अदालत ने पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला मौदहा कोतवाली क्षेत्र के छिमौली गांव का है।
छिमौली गांव निवासी फूल सिंह की बेटी मीरा निषाद की शादी 29 मई 2020 को हंसराज निषाद के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में 1.50 लाख रुपये और भैंस की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर मीरा के साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। मामले को लेकर पंचायत भी हुई थी। अभियोजन के अनुसार इसके बाद भी मीरा का उत्पीड़न जारी रहा। दो अक्तूबर 2022 को ससुराल में मीरा को केरोसिन डालकर जला दिया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में शरीर का करीब 97 से 98 प्रतिशत हिस्सा जला मिला था।
मृतका के पिता फूल सिंह की तहरीर पर पांच अक्टूबर 2022 को मौदहा कोतवाली में हंसराज, रामऔतार, मुलिया, सरजू और अर्जुन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने हंसराज, रामऔतार और मुलिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जबकि सरजू और अर्जुन के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट लगा दी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए। डीजीसी क्रिमिनल राजेश कुमार शुक्ल ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने हंसराज, रामऔतार और मुलिया को दोषी करार देते हुए दस-दस साल के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।