चित्रकूट में मथुरा सहित कई तीर्थ क्षेत्र से सैकड़ों साधू संत एक माह पहले चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र मेंं 84 कोसीय परिक्रमा के लिए आए थे। जो लॉकडाउन होने के बाद से फंस गए है। अब वह अपने -अपने आश्रम, मंदिरों में जाना चाहते हैं। साधन न मिलने के कारण इधर उधर भटक रहे हैं।
भगवान श्रीराम की तपो भूमि से हर साल ८४ कोसीय परिक्रमा निकाली जाती है। जिसमें हजारों साधू संत शामिल होते हैं। यह परिक्रमा लगतार एक माह तक चलती है। जिसमें कई तीर्थ क्षेत्रों में साधू संत रूकते हैं। २३ फरवरी को महंत गोविंददास के नेतृत्व में जानकीकुंड के पास से निकली थी।
जिसमें सैकड़ों साधू संत मथुरा व अयोध्या सहित अन्य तीर्थ स्थनों से पहुंचे थे। जिन्होंने ८४ कोषीय परिक्रमा लगाया था। एक माह से अधिक उनको यहां आए हो गया। जिनको खाने पीने का इंतजाम धर्मनगरी के आश्रम के साधू संतों व समाज सेवी कर रहे थे।
अब बाहर से आए साधू संत अपने -अपने आश्रम व मंदिर जाना चाहते हैं लेकिन लॉकडाउन होने से समस्या खड़ी हो गई है। जाने के लिए कोई साधन ही नहीं बचा। जिला मुख्यालय आने पर व्यापरी नेता विष्णु गुप्ता ने साधू संतों को फलों का वितरण किया।
लॉकडाउन होने से चित्रकूट तीर्थ स्थल में फंसे साधू संतों में मथुरा जिले के वृंदावन के श्याम दास, राधा कुंज के बाल गोपाल, गोवर्धन के प्रीतम दास, रोधेश्याम, आगरा शहर के गिरदधरदास, अलीगढ़ जिले के फुलावली के ताराचंद्र, भगावती, शहजहापुर के रामवती शर्मा, एटा जिले के भीरामप्रातप, राजपाल सिंह, गोविंद दास, मुरैना मप्र उधौलि के साधू दास, कृष्ण प्रकाश, फरूखाबाद जिले के भैसरी के प्रेमलाल, फरीदाबाद जिले के गंगाराम, औरया के ज्ञान प्रकाश, व विरेंद्रदास आदि साधू संत हैं। जो एक माह से अधिक समय से चित्रकूट आए थे। जो अपने घर नहीं जा पा रहे हैं।