लिपकीय और तकनीक जैसी मानवीय भूल पर प्रांत के बाहर से आयात किए जा रहे माल के साथ संलग्न फार्म 38 में बिल नंबर और तिथि लिखे रह जाने पर व्यापारी पर अर्थदंड नहीं लगाया जा सकता। इसके अलावा यदि उचित कारण है और फार्म 38 नहीं संलग्न है तो भी व्यापारी पर कर चोरी नहीं साबित हो सकती।
सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड बनाम स्टेट आफ उड़ीसा एवं जैन शुद्ध वनस्पति व रामा पल्सेस मल्टीप्लेक्स फिल्ट्रेशन मामले में यह निर्णय दिया है। प्रांत के बाहर से माल आयात करने पर अर्थदंड कार्यवाही धारा 54 (1) व (14) विषय पर टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से वाणिज्यकर भवन लखनपुर में आयोजित गोष्ठी में ये जानकारी मुख्य वक्ता वरिष्ठ कर अधिवक्ता अनिल मेहरोत्रा ने दी।
उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों का प्रत्येक मामले में अर्थदंड आरोपित किया जाना उचित नहीं होता है। व्यापारी की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के बाद अर्थदंड की कार्यवाही निरस्त कर देनी चाहिए। अधिवक्ता आशीष गुप्ता ने वस्तुओं पर विवादित कर की दरों धारा 59 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता, एके दरबारी, एसके श्रीवास्तव, दिनेश प्रकाश, एसबी पांडेय, अशोक अग्रवाल, श्याम धवन, पंकज कुमार आदि मौजूद रहे।