उद्योगों को आधारभूत सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है। इसकी घोषणा जल्द की जाएगी। सिंगल विंडो सिस्टम में छोटे उद्यमियों को शामिल करने के लिए इसकी लिमिट घटाई जाएगी। अभी 50 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली इकाइयों को इसके तहत एनओसी दी जा रही है।
इसे 10 करोड़ से नीचे लाया जाएगा। इसके अलावा एमएसएमई (सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग) को बाजार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई पोर्टल अगले दो से तीन महीनों में लांच कर दिया जाएगा। फेसबुक और उत्तर प्रदेश सरकार के बूस्ट योर बिजनेस इनिशिएटिव कार्यक्रम के दौरान रागेंद्र स्वरूप आडिटोरियम में ये बातें प्रदेश सरकार के लघु उद्योग मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि शहर के उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण का निस्तारण करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। गंगा, यमुना सहित कई प्रमुख नदियां प्रदूषित हो चुकी हैं। उद्यमियों को भी इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
एनजीटी का नाम लिए बगैर कहा कि प्रदूषण के नाम पर कुछ संस्थाए उद्यमियों का शोषण कर रही हैं। इससे पहले फेसबुक इंडिया के हेड आफ इकोनॉमिक्स ग्रोथ इनिशिएटिव रितेश मेहता ने प्रजेंटेशन और उदाहरण देकर बताया कि कैसे हैदराबाद की तीन महिलाओं ने दुल्हन को फूलों से सजाने वाले व्यवसाय को तीन साल के भीतर 36 ब्रांचों में तब्दील कर दिया।
कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन, डीएम कौशलराज शर्मा ने भी विचार रखे। इस दौरान उद्यमी बलराम नरूला, अनिल पांडेय, नवीन खन्ना, आलोक अग्रवाल, बृजेश अवस्थी, मनोज बंका, उमंग अग्रवाल आदि तमाम उद्यमी मौजूद रहे।
फेसबुक की सूची में प्राथमिकता पर भारत
फेसबुक इंडिया के हेड आफ इकोनॉमिक्स ग्रोथ इनिशिएटिव रितेश मेहता ने बताया कि भारत फेसबुक की प्राथमिकता देशों की सूची में है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नवंबर 2015 में छोटे उद्योगों को ऑनलाइन बढ़ावा देने के प्लान पर चर्चा की थी। अब ये धरातल में आ चुका है।
बूस्ट योर बिजनेस इनिशिएटिव कार्यक्रम के पहले चरण में कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद, बनारस और लखनऊ को शामिल किया गया है। कन्नौज और कानपुर में अच्छा रिसपांस मिला है। फेसबुक की टीम ने शहर में करीब तीन सौ लोगों के पेज बनाए हैं। मौजूदा समय डिजीटल का है। हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है। इस तरह के प्रयोग बिजनेस को बढ़ाने में कारगर होंगे।
17 हजार फालोअर बने
रागेंद्र स्वरूप आडिटोरियम में बूस्ट योर बिजनेस इनिशिएटिव कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कानपुर की उद्यमी सुप्रीत भाटिया ने बताया कि ऑनलाइन कारोबार फेसबुक से शुरू किया। मौजूदा समय में 25 हजार रुपये तक के चिकनकारी कपड़ों के उत्पाद की बिक्री करती हैं।
पहले 100, 200, 300 और 500 रुपये मूल्य के उत्पाद की बिक्री की थी। बताया कि एमबीए मार्केटिंग से करने के बाद दिल्ली, चंडीगढ़ में कई साल कंपनियों में नौकरी की। मां के सहयोग से लखनवी अंदाज की शुरुआत दो साल पहले फेसबुक से की। 19 फरवरी 2014 को फेसुबक पर होमपेज बनाया। पहले डर लगा कि ये सब कैसे होगा, पर आज होमपेज पर 17 हजार फालोअर है। एक ग्रुप बना है, जिसमें छह हजार लोग साड़ी, कुर्ती, सलवार सूट खरीदते हैं।