हाईकोर्ट की रोक के बावजूद जिले में एक साल में 42 नए असलहा लाइसेंस बना दिए गए। अब डीएम को यह असलहा लाइसेंस जारी करने का आधार बताना होगा।
गृह विभाग के नोटिस देकर जवाब मांगे जाने के कारण इसकी सूची तैयार कराई जा रही है। हालांकि एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने इस मामले में अनभिज्ञता जताई है।
2012 में असलहा लाइसेंस जारी करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जरूरतमंद लोगों को ही असलहा लाइसेंस दिए जाएं। बाद में हाईकोर्ट ने असलहा लाइसेंस जारी करने पर और कड़ी गाइड लाइन बनाई थी।
इसके बावजूद जिले में लाइसेंस बनते रहे। गृह विभाग ने डीएम को नोटिस जारी करके पूछा है कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद नए शस्त्र लाइसेंस क्यों जारी हो रहे हैं।
लाइसेंस जारी करने का आधार क्या रहा है। एक साल के अंदर बने लाइसेंस का ब्योरा भी मांगा गया है। जवाब तैयार करने के लिए असलहा विभाग में सूची तैयार होती रही।
2014 में कुल 112 शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए। इसमें 70 लाइसेंस वरासत (लाइसेंस धारक की मौत के बाद आश्रित को) के बने। 42 लाइसेंस नए बनाए गए।
इनमें से पांच हाईकोर्ट के आदेश पर बनाए जाने की बात सामने आई है। एडीएम सिटी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नोटिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सिर्फ अखबारों में ही पढ़ा है।