सुबह 10 बजे आ गए थे। कहा गया था कि कार्यक्रम में गैस कनेक्शन मिलेंगे, लेकिन इंतजार करते-करते शाम हो गई। मिला कुछ नहीं। नेता लोग भी चले गए। अब एजेंसी वाले कह रहे हैं कि आधार कार्ड लेकर आना, लेकिन कहां जाना है, पता नहीं।
रिहाना परवीन, रेलबाजार
दिव्यांग हूं, जैसे तैसे यहां आई थी। कुर्सी मिल गई तो गनीमत रही। भीड़ बहुत हो गई। बताया गया था कि गैस कनेक्शन मिलेगा। बाद में घर जाने को कह दिया। कोई कह रहा भीड़ जुटाने के लिए बुलाया गया था।
रूबी कुमारी, रेलबाजार, दिव्यांग
एक नेता ने कनेक्शन के लिए 300 रुपये लिए थे। दो बार बुलाया गया लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। कनेक्शन कब मिलेगा, कोई कुछ नहीं बता रहा। कह रहे हैं अपने घर जाओ, आंख का ऑपरेशन कराओ।
मुन्नी देवी, 90 वर्षीय, कैंट निवासी
गैस एजेंसी वाले के पास वर्तमान में जितने भी सिलिंडर थे, वे वितरित कर दिए गए हैं। बचें लोगों के कागज जमा करा लिए गए हैं। जल्द ही उन्हें भी कनेक्शन दिए जाएंगे।
राकेश तिवारी, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के प्रतिनिधि