कानपुर में अधिवक्ता गौतम दत्त हत्याकांड के मामले में अब तक एक दर्जन वकीलों ने पुलिस से संपर्क किया है। इन वकीलों ने दावा किया है कि उनको घटना के बारे में कुछ न कुछ जानकारी है। आशंका है कि ये सभी प्रत्यक्षदर्शी हैं। एक दो दिन के भीतर ये सभी वकील बयान दर्ज कराएंगे। जिससे वारदात के राज का पर्दाफाश होगा।
स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अधिवक्ता व आरोपी के बीच उस शाम हुआ क्या था? क्या वारदात गलती से हुई या फिर इरादतन गौतम की हत्या की गई। कचहरी में बीते शुक्रवार को हुए बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने भाजपा नेता तरु अग्रवाल व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
शनिवार को तरु अग्रवाल को जेल भेज दिया गया था। उसने दावा किया है कि गोली गलती से चली जो गौतम को लगी। गौतम उसका दोस्त था। इस तथ्य के सत्यापन में पुलिस जुटी है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि वारदात के वक्त 10-12 लोग वहां मौजूद थे। जिन्होंने पूरी घटना देखी है।
इसलिए कमिश्नर ने उनसे अपील की थी वह पुलिस के सामने आकर अपने बयान दर्ज कराएं। एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह ने बताया कि करीब एक दर्जन वकीलों ने संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार या मंगलवार तक अपने बयान दर्ज कराएंगे। इन सभी के बयान मामले में बेहद अहम हैं।