साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार को कच्चा मकान गिरने से हुई चार मौतों के बाद सोमवार सुबह पूरा गांव गम में डूब गया। एक ही आंगन से पिता और तीन बेटियों की चार अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। जिस घर में बेटियों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां सोमवार को चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा रहा।
आवास मिल जाता तो शायद न आती यह नौबत
सुबह ग्राम प्रधान संजय गुप्ता जब अंतिम संस्कार की तैयारी को लेकर परिवार के पास पहुंचे तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक मुकेश सिंह के भाई अशोक सिंह अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते परिवार को आवास मिल गया होता तो शायद यह नौबत नहीं आती। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि हादसे के बाद से प्रशासन की ओर से मदद और कार्रवाई के आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
आधी रात के बाद गांव पहुंची चारों की पार्थिव देह
रविवार देर रात पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब रात दो बजे चारों के शव गांव पहुंचे। एक साथ चार शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के साथ ग्रामीण भी मृतक परिवार के घर पहुंच गए। रातभर गांव में मातम पसरा रहा।
एक साथ उठीं चार अर्थियां, रो पड़ा पूरा गांव
तहसील प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए दी गई आर्थिक सहायता के बाद सोमवार सुबह करीब 10:15 बजे मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू व पल्लवी की अर्थियां एक साथ घर से उठीं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां देखकर ग्रामीणों की आंखें छलक उठीं।
अर्थियों के पीछे सैकड़ों महिलाओं की भीड़ चल रही थी। गांव का शायद ही कोई ऐसा परिवार रहा हो, जो इस अंतिम विदाई में शामिल न हुआ हो। मृतक परिवार के घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और पूरे गांव में मातम के साथ घटना को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।
मूसानगर घाट ले जाए गए शव
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों से चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए यमुना नदी के किनारे स्थित मूसानगर घाट ले जाया गया। एक साथ पिता और तीन बेटियों की अंतिम विदाई ने पूरे गांव को झकझोर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल काजल का अस्पताल में इलाज जारी है।
">http://