पत्रकार शुभममणि हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी दिव्या अवस्थी को लखनऊ हाईकोर्ट बेंच ने हत्या के मामले में जमानत दे दी है। हालांकि अभी गैंगस्टर मामले में जमानत मिलना शेष है। हत्या के मामले में जमानत मिलने से दिव्या के परिजनों ने राहत की सांस ली है। मामले में कुल 16 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें 13 की जमानत हो चुकी है।
19 जून 2020 को सहजनी तिराहे के निकट अहमदनगर निवासी पत्रकार शुभममणि त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ऋषभ मणि त्रिपाठी की तहरीर पर दिव्या अवस्थी, इनके पति कन्हैया अवस्थी, देवर राघवेंद्र अवस्थी, मोनू खान उर्फ मोनू लुटेरा, शाहनवाज अंजर, कपिल कटारिया, स्वरूप चंद्र शर्मा उर्फ रानू शर्मा, विकास दीक्षित, अब्दुल बारी, अफसर अहमद, रिजवाना काना, टीपू सुल्तान, शानू गांधी, सुफियान खान, संतोष बाजपेई, कौशल किशोर उर्फ अपराधी बाबा के खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
मामले में अपराधी बाबा का आज तक पता नहीं चला है। वहीं, आरोपी कन्हैया और अब्दुल बारी की मौत हो चुकी है। राघवेंद्र को अभी किसी मामले में जमानत नहीं मिली है। जबकि, शेष सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। मंगलवार को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के न्यायाधीश राजीव कुमार सिंह ने हत्या के मामले में दिव्या की जमानत मंजूर कर ली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि अभी गैंगस्टर के मामले में दिव्या को जमानत मिलना शेष है। अभी वह जेल में ही रहेगी। बताया कि चार साल आठ माह बाद दिव्या को जमानत मिल सकी है।