सीरो सर्वे में कोरोना से ज्यादा हेपेटाइटिस सी और बी के संक्रमित मिले हैं। लोगों के अंदर घातक लिवर रोग पल रहा है लेकिन बहुतों को इसकी भनक तक नहीं है। इसी वजह से शासन ने कोरोना की एंटीबॉडीज का पता लगाने के लिए सीरो सर्वे में हेपेटाइटिस बी और सी की भी जांच करवाई थी।
जिन क्षेत्रों में ये संक्रमित मिले हैं, वहां कैंप लगाकर एक सिरे से लोगों की जांच कराई जाएगी। ताकि समय रहते मरीजों को चिह्नित करके उनका इलाज कराया जा सके। प्रदेश में अभी हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का सटीक आंकड़ा नहीं है। हैलट में अब तक हेपेटाइटिस सी के जितने मरीज मिले हैं, उनमें से किसी को पता नहीं था कि वे कब और कैसे इसकी चपेट में आए।
यह स्थिति पूरे प्रदेश की हैै। बताया जा रहा है कि चार से नौत सितंबर तक चले सीरो सर्वे के दौरान जांचों में जितने कोरोना पॉजिटिव मिले थे, उनसे कहीं अधिक हेपेटाइटिस सी और बी के संक्रमित मिले। नगर में 45 स्थानों पर इस सर्वे के लिए सैंपल लिए गए थे। शासन अब इन आंकड़ों को संकलित करा रहा है। सीरो सर्वे के प्रदेश के नोडल अधिकारी और संयुक्त निदेशक डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि कैंप लगाकर विस्तृत जांच कराई जाएगी।
हेपेटाइटिस सी और बी के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। ज्यादातर को संक्रमण का पता नहीं होता। लिवर बहुत खराब होने के बाद लक्षण सामने आते हैं। या फिर किसी और बीमारी व सर्जरी के लिए जांच कराने में अचानक इस रोग का पता चलता है। इलाज के लिए रोगी जितनी जल्दी पहचान में आएं, उतना अच्छा होता है।
डॉ. विनय कुमार, गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
सीरो सर्वे के लिए 45 स्थानों से 1440 लोगों के सैंपल लिए गए थे। इनमें मौके पर 18 कोरोना संक्रमित मिले थे। एंटीबॉडीज के साथ हेेपेटाइटिस बी और सी की भी जांच हुई है। इस संबंध में शासन से आंकड़े मांगे गए हैं।
डॉ. अविनाश यादव, नोडल सीरो सर्वे कानपुर