फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: ऐसी गर्मी... इंसान क्या सड़क भी 'झुलस' गई, हाईवे पर पिघला डामर; वाहनों के पहियों से नालीनुमा हुई रोड

Fri, 14 Jun 2024 10:39 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में भीषण गर्मी कहर बरपा रही है। गर्मी के चलते रामादेवी हाईवे की सड़क का डामर पिघल गया। इससे वाहनों के पहियों से रोड नालीनुमा हो गई। 
विज्ञापन
रामादेवी हाईवे बना 'खाई-वे' - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के थार मरुस्थल से होकर आ रहीं उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं की वजह से कानपुर परिक्षेत्र का पारा लगातार हाई बना हुआ है। उमस भरी गर्मी में शहरी हलकान हैं। गुरुवार को महानगर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान प्रदेश में सबसे अधिक रहा है। शहरियों ने दिन भर लू के थपेड़े झेले।
विज्ञापन


सीएसए मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि मानसूनी पूर्वी हवाएं अभी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। इस वजह से गर्मी बनी हुई है। चार-पांच दिन अभी यही स्थिति बने रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य औसत से तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान ढाई डिग्री अधिक रहा है। 

एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान प्रदेश में अधिकतम है। सीएसए में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
विज्ञापन


मौसम विभाग प्रभारी डॉ. पांडेय का कहना है कि सीएसए और एयरफोर्स स्टेशन में दो से तीन डिग्री का फर्क रहता है। सीएसए में हरियाली अधिक होने से तापमान कम रहता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है। डॉ. पांडेय ने बताया कि अभी कोई चक्रवाती क्षेत्र भी नहीं बना है। हवाओं का चक्रवाती क्षेत्र बनने पर मानसूनी पूर्वी हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी।

वहीं, कानपुर से एक हैरान करने देने वाली तस्वीर भी सामने आई। भीषण गर्मी में इंसान तो क्या सड़कें भी झुलस जा रही हैं। गर्मी की वजह से रामादेवी हाईवे की सड़क का डामर पिघल गया और वाहनों के पहियों से सड़क नालीनुमा हो गई। 

बुंदेलखंड में प्रचंड गर्मी से नौ की मौत
जून में गर्मी बाहर निकलने वाले लोगों की कठिन परीक्षा ले रही है। गुरुवार इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा। बांदा-चित्रकूट में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू की चपेट में आकर उल्टी-दस्त और बुखार से नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें चित्रकूट में तीन, बांदा में दो, महोबा में चार लोगों की जान चली गई।

 

चित्रकूट के पहाड़ी ट्रक में खलासी छोटेलाल (45) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। चालक ने उसे जिला अस्पताल ले गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं एक ट्रेन यात्री समेत दो लोगों की मौत बुखार और पेटदर्द से हो गई। बिहार के सुभाष कुमार (22) अहमदबाद-बरौनी ट्रेन से घर जा रहे थे। ट्रेन में बुखार व पेटदर्द की शिकायत होने लगी। ट्रेन चित्रकूटधाम कर्वी स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं बांदा में एक युवक की डायरिया और एक की लू लगने से मौत हो गई।

 

उधर महोबा गर्मी में हालत बिगड़ने से एक और किसान की मौत हो गई। शाम वह खेत से घर वापस लौटा था तभी अचानक गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। उधर जनपद प्रतापगढ़ के कुर्रही गांव निवासी सर्वेश कुमार (42) गिट्टी लेने पत्थरमंडी कबरई आया था। क्रशर प्लांट के पास हालत बिगड़ने पर नीचे उतरते ही वह अचेत होकर गिर गया। 

 
विज्ञापन

इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। वहीं, कहरा निवासी जयनारायण (50) खेत गया था। जहां वह अचेत होकर गिर गया और मौत हो गई। इसी तरह थाना खन्ना के पुरा गांव निवासी दिनेश सिंह (55) खेत से घर वापस लौटा। तभी अचानक गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें