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तैयारी: सोलर पावर प्लांट से बिजली पैदा कर निगम बचाएगा सालाना 60 करोड़, विकास कार्य में होंगे खर्च…पढ़ें अपडेट

Fri, 14 Jun 2024 10:33 AM IST
हिमांशु अवस्थी मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: किशनपुर गांव में 25 मेगावाट का सोलर प्लांट म्यूनिसिपल बांड से प्राप्त होने वाले 100 करोड़ रुपये से स्थापित कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव के चलते लागू आचार संहिता की वजह से यह कार्य रुक गया था।
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कानपुर नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर नगर निगम किशनपुर गांव में 25 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित करेगा। नगर आयुक्त ने इसके लिए यूपीनेडा के अधिकारियों से संपर्क साधा है। नगर निगम का दावा है कि प्लांट से पैदा होने वाली बिजली की बदौलत हर महीने करीब पांच करोड़ और सालना 60 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसे विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। प्लांट स्थापना के लिए आईआईटी कंसलटेंसी देगा।

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फिलहाल निगम को यूपीनेडा के जवाब का इंतजार है। बता दें, नगर निगम सदन की 19 फरवरी को हुई बैठक में बिजली बचाने के उद्देश्य से 25 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इस प्लांट के लिए ग्राम किशनपुर स्थित चकेरी सीवेज फार्म की जमीन पर 60 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है।  यह जमीन वहां बने कान्हा उपवन के पीछे है।
अधिकारियों का कहना है कि प्लांट को स्थापित करने में आने वाला खर्च म्यूनिसिपल बांड से प्राप्त होने वाले 100 करोड़ रुपये से कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव के चलते लागू आचार संहिता की वजह से यह कार्य रुक गया था। केंद्र में नई सरकार के गठन और सियासी उठापटक के शांत होने के बाद अब नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने सदन के स्वीकृत प्रस्ताव का हवाला देते हुए नगर विकास विभाग को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी थी।

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अगले एक साल में प्रोजेक्ट स्थापित हो जाएगा
विशेष सचिव ने सरकारी एजेंसी से कार्य कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद निगम ने आठ जून को यूपीनेडा के निदेशक को इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त करने और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने को पत्र लिखा है। यूपीनेडा की एक टीम ने प्लांट के लिए चिह्नित जमीन का निरीक्षण कर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। माना जा रहा है कि जुलाई में डीपीआर बन जाएगा और अगले एक साल में प्रोजेक्ट स्थापित हो जाएगा।

नेशनल ग्रिड में होगी सप्लाई
सोलर मेगा प्लांट में हर महीने 25 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जिसे नेशनल ग्रिड में सप्लाई किया जाएगा। नेशनल ग्रिड को जितनी बिजली दी जाएगी, उतनी ही बिजली घटाकर नगर निगम और जलकल विभाग केस्को को भुगतान करेगा।

अभी कितना है नगर निगम का खर्च
शहरवासियों की प्यास बुझाने और सड़कें रोशन करने में ही हर महीने 9 करोड़ रुपये की बिजली खर्च होती है। सभी पंपिंग स्टेशन, जल शोधन संयंत्र व नलकूप के संचालन में हर महीने करीब 19000 किलोवॉट बिजली खर्च होती है। जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके त्रिपाठी ने बताया कि बिजली के मद में उनका विभाग केस्को को हर महीने करीब 4 करोड़ रुपये भुगतान करता है। इसी तरह नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार शहर में 1.24 लाख स्ट्रीट लाइटें जलाने में हर महीने करीब 5 करोड़ रुपये की बिजली खर्च होती है।
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सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए आईआईटी कंसलटेंसी करेगा। उनके दिशा - निर्देश पर यूपीनेडा प्लांट स्थापना करेगा। इस काम में आने वाले खर्च को म्यूनिसिपल बांड से मिलने वाले पैसे से पूरा किया जाएगा।  -शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त
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