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Kanpur: हीट एग्जॉर्शन के रोगी बढ़े...सेप्टीसीमिया से दो मौत, डॉक्टर बोले- इम्बैलेंस हो जाता है इलेक्ट्रोलाइट

Fri, 19 Apr 2024 11:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि जिन रोगियों की इम्युनिटी कम है, उन्हें जटिलताएं बढ़ जा रही है। वहीं, प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने से इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस हो जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में गर्मी बढ़ने के साथ इंफ्लुएंजा के अलावा गर्मी से चक्कर आने (हीट एग्जॉर्शन) के रोगी बढ़ने लगे हैं। शरीर में पानी और नमक की कमी होने से इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस हो रहा है। इससे रोगियों को चक्कर और बेहोशी आने लगती है। हैलट और उर्सला की ओपीडी में रोगी हीट एग्जॉर्शन के रोगी मुंह सूखने, प्यास अधिक लगने, चक्कर, उल्टी और दस्त के लक्षण लेकर आए।

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इसके अलावा इंफ्लुंएजा संक्रमण के रोगी लो ब्लड प्रेशर और सांस में तकलीफ की शिकायत के साथ इमरजेंसी में भर्ती किए गए। दो रोगियों की सेप्टीसीमिया से मौत हो गई। कुछ रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। जुकाम-बुखार के बाद अचानक हालत बिगड़ने से रामादेवी के राजेश कुमार (48) की मौत हो गई।

पहले उन्हें निजी अस्पताल में दिखाया गया। ब्लड प्रेशर 40/89 होने पर उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया। उनकी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बुधवार देर रात से उनका पेशाब भी रुक गया था। इसके अलावा मसवानपुर के रहने वाले गुड्डू (45) की उर्सला में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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पानी की कमी से इम्बैलेंस हो जाता है इलेक्ट्रोलाइट
उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और सीओपीडी जैसी हालत हो गई। उर्सला के चिकित्सा अधीक्षक सीनियर फिजीशियन डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि जिन रोगियों की इम्युनिटी कम है, उन्हें जटिलताएं बढ़ जा रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि गर्मी में शरीर में पानी की कमी होने से इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस हो जाता है।
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