राजपुर। बदलते मौसम में लोग गर्मी व उमस से परेशान हैं। इलाज के अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में अधिकांश जुकाम व वायरल बुखार से पीड़ित हैं। मंगलवार पीएचसी में इलाज के लिए कुल 85 मरीज पहुंचे। इनमें 20 फीसदी सर्दी-जुकाम, गले में इंफेक्शन और वायरल बुखार से पीड़ित रहे।
कभी भीषण गर्मी और उमस तो कभी अचानक ठंडी हवाओं के साथ होने वाली बारिश से मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है। बदलते मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को अस्पताल पहुंचे बुखार से पीड़ित 25 मरीजों की पैथोलॉजी जांच कराई गई। इसमें एक मरीज की मलेरिया रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उसे तत्काल आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
दिनभर ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ रही। तीमारदार अपने बीमार बच्चों को गोद में लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है। बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता तुलनात्मक रूप से कमजोर होने के कारण वे वायरस की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। डॉ. एस बी त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के बाद से ही वायरल बुखार के मामलों में अचानक उछाल आया है। कमजोर बच्चे तेज बुखार को सहन नहीं कर पा रहे हैं और संक्रमण का असर उनके दिमाग तक पहुंच रहा है। वहीं बुजुर्गों को सर्दी लगने के बाद तेज बुखार आ रहा है।
..................
बयान...........
बदलते मौसम के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। भीड़ को देखते हुए चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी को सुबह आठ बजे तक ओपीडी में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। - डॉ. सलिल सचान, अधीक्षक, राजपुर पीएचसी
................
प्रमुख लक्षण-
- मरीजों में तेज बुखार
- शरीर में दर्द
- गले में इंफेक्शन
- सर्दी-जुकाम
.......................
चिकित्सकों की सलाह-
- मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना खुद से कोई दवा न लें।
- खानपान में हल्का और सुपाच्य भोजन ही शामिल करें।
- ठंडे पानी और शीतल पेय पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
- बुखार दो दिन से अधिक रहने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।