कानपुर देहात। अमरौधा के शाहजहांपुर सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) में समूह की 34 महिलाएं दोना-पत्तल बनाने का हुनर सीख रही हैं। मंगलवार को जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी व आरसेटी निदेशक ने प्रशिक्षण शिविर का औपचारिक शुभारंभ किया। साथ ही महिलाओं को शासन से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 9718 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी 108791 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। इसके अलावा एनआरएलएम विभाग पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह में शामिल करने के लिए अभियान चला रहा है। साथ ही उन्हें प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
आरसेटी के प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि महिलाओं को पेपर बैग, लिफाफा, फाइल कवर, मिठाई के डिब्बे व दोना-पत्तल बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 12 दिनों तक चलेगा, इसके बाद इन्हें प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। साथ ही कारोबार शुरू करने के लिए सीसीएल के तहत मिलने वाले 1.5 लाख रुपये के ऋण मिलेगा जबकि बड़े स्तर पर काम करने की इच्छुक महिलाओं को सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश अग्निहोत्री ने खादी विभाग की कल्याणकारी योजनाओं और टूलकिट वितरण की प्रक्रिया से अवगत कराया। बताया कि अगर महिलाएं योजना के तहत आवेदन करती हैं तो उन्हें निशुल्क दोना-पत्तल बनाने की मशीन मुहैया कराई जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। वहीं, आरसेटी निदेशक मयंक कटियार ने प्रशिक्षुओं को पूरे अनुशासन के साथ सीखकर खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षक रीतू पांडेय, कार्यालय सहायक योगेंद्र सिंह, शिवम शुक्ला आदि मौजूद रहे।