कानपुर देहात। बेहमई कांड में गुरुवार को अभियोजन अधिकारी के अवकाश पर रहने के चलते एक बार फिर से सुनवाई टल गई। अब 23 फरवरी को मामले में सुनवाई होगी।
बेहमई गांव में 14 फरवरी 1981 को फूलन देवी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। छह लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इस घटना में 41 साल बाद भी फैसला नहीं आ सका है।
घटना की आरोपी फूलन देवी समेत कई आरोपियों व वादी राजाराम सिंह की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है। गुरुवार को अभियोजन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी।
इस पर अब 23 फरवरी को सुनवाई की तिथि तय की गई है। इस दौरान आरोपी विश्वनाथ कोर्ट में मौजूद रहा। श्यामबाबू का हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र अधिवक्ता की तरफ से दिया गया। जेल में बंद पोसा अत्यधिक वृद्ध होने की वजह से पेशी पर नहीं लाया जा रहा है।
दो मार्च को होगी खुशी के मामले की सुनवाई
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे पर आरोप निर्धारण को लेकर दो मार्च को सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश 13 पाक्सो एक्ट शैलेंद्र वर्मा की कोर्ट में चल रही है। गुरुवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता के न आने के कारण बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब दो मार्च की तिथि तय की है। (संवाद)