कानपुर हैलट को नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) से मिलने वाला स्टाफ कोरोना के डर से नौकरी ज्वाइन नहीं कर रहा है। इससे स्टाफ की कमी बनी हुई है। होल्डिंग एरिया और कोविड अस्पतालों में न तो मानक के हिसाब से नर्स हैं और न ही वार्ड ब्वॉय।
दूसरे स्टाफ की भी कमी पूरी नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को सहूलियत देने में दिक्कत आ रही। कोरोना संकट में हैलट प्रबंधन ने एनएचएम से स्टाफ मांगा था। इनमें 132 स्टाफ नर्स, 128 वार्ड ब्वॉय, 108 सफाई कर्मचारी तथा अन्य कार्मिक शामिल हैं।
ये कर्मचारी आउट सोर्सिंग से उपलब्ध कराए जाने थे। इनकी सूची भी बन गई लेकिन इन लोगों ने अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। इसके चलते जहां दो-तीन बेड पर एक वार्ड ब्वॉय होना चाहिए वहां पूरे वार्ड में एक वार्ड ब्वॉय काम रहा है।
साथ ही हर दो-तीन दिन में हैलट के एक-दो कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि एनएचएम से स्टाफ स्वीकृत है लेकिन कोरोना के डर से वे ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में फिर कहा गया है।