बरौर। गुरुवार की देर रात बुखार से पीड़ित मासूम की कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी होने पर शुक्रवार को उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एपी वर्मा की अगुवाई में गांव पहुंचकर टीम ने मरीजों का इलाज कर दवा बांटी। खून की जांच कर नौ स्लाइड बनाई गई हैं।
विकास खंड मलासा के अरहरियामऊ गांव निवासी मुदित गुप्ता ने बताया मंगलवार को पुत्री गौरी (3) बुखार की चपेट में आ गई थी। पुखरायां के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद हालत में सुधार न होने पर बुधवार को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उप मुख्य चिकित्साधिकारी आनंद प्रकाश वर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को गांव पहुंचकर मेडिकल टीम ने रामसेवक की पत्नी रामकली (60), आनंद की पुत्री रागिनी (1), अमीन का पुत्र अमन (12), महावीर की पत्नी लज्जावती (45), हलीम की पत्नी सलमा समेत करीब दो दर्जन मरीजों का इलाज कर दवा बांटी। वहीं रामकुमार, ज्ञानी की पत्नी कमला, राम कुमार, प्रभाकांत, कुलदीप, रवि प्रकाश की पुत्री पूजा समेत नौ लोगों की स्लाइड तैयार की गईं। डा. एपी वर्मा ने स्वच्छता की बातें बताकर निरोगी रहने के उपायों की जानकारी दी। बताया कि गंदे व रुके पानी मच्छर पनपते है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बीमारी फैलने पर पास के अस्पताल में सूचित करने की सलाह दी। सीएचसी देवीपुर के प्रभारी डा. विकास, उपजिला मलेरिया अधिकारी देवेश दीक्षित मौजूद रहे।